ODOC Scheme: उत्तर प्रदेश अपनी विविध संस्कृति के साथ-साथ अपने स्वादिष्ट और अनूठे खान-पान के लिए भी जाना जाता है. हर जिले की अपनी एक खास डिश है, जो वहां की पहचान है. यूपी सरकार ने अब इन स्थानीय पकवानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए 'वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूजिन' (ODOC) योजना शुरू की है. इस योजना का मकसद लोकल फूड की गुणवत्ता को सुधारना, उनकी ब्रांडिंग करना और उन्हें बड़े बाजारों तक पहुंचाना है, जिससे यूपी का स्वाद पूरी दुनिया तक पहुंचाया जा सके.
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ODOC योजना की शुरुआत
'वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूजिन' (ODOC) योजना की शुरुआत 24 जनवरी 2026 को लखनऊ में 'उत्तर प्रदेश दिवस' के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा की गई थी. यह योजना राज्य सरकार के 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) कार्यक्रम से अलग है. जहां ODOP हस्तशिल्प और अन्य उद्योगों पर केंद्रित है, वहीं ODOC का पूरा फोकस उत्तर प्रदेश के जिलों के पारंपरिक खान-पान पर है.
208 पारंपरिक व्यंजनों की हुई पहचान
उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले हैं. ODOC योजना के तहत पूरे राज्य से 208 खास और पारंपरिक लोकल फूड की पहचान की गई है. इस लिस्ट में कुछ जिलों से एक से ज्यादा डिश भी शामिल हुई हैं. इस तरह सरकार हर जिले के मशहूर पकवानों को एक बड़ी पहचान दिलाने की कोशिश कर रही है.
ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच
यह योजना केवल व्यंजनों की सूची बनाने तक सीमित नहीं है. इसका मुख्य उद्देश्य इन पकवानों की गुणवत्ता में सुधार करना, उनकी अच्छी पैकेजिंग और ब्रांडिंग करना है. इसके साथ ही, सरकार इन व्यंजनों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने का रास्ता भी तैयार कर रही है, ताकि लोकल स्वाद को ग्लोबल पहचान मिल सके.
बजट में 75 करोड़ रुपये का आवंटन
उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने 2026-27 के बजट में इस नई 'वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूजिन' (ODOC) योजना को शामिल किया है. इस वित्तीय वर्ष में योजना को सही तरीके से लागू करने के लिए सरकार ने 75 करोड़ रुपये का बजट रखा है.
लोकल से ग्लोबल होने का मौका
ODOC योजना का सबसे बड़ा लक्ष्य उत्तर प्रदेश की समृद्ध खाद्य विरासत का प्रचार करना है. लोकल फूड उत्पादकों और इससे जुड़े व्यापारियों के लिए यह एक बड़ा मौका है. बेहतर ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच मिलने से वे अपने पारंपरिक व्यंजनों को नए ग्राहकों तक पहुंचा सकते हैं. हालांकि, असल मुनाफा इस बात पर निर्भर करेगा कि इन उत्पादों को बाजार में किस तरह से पेश किया जाता है.
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