यूपी में किराये पर मकान-दुकान लेना अब होगा आसान, योगी सरकार ने बदल दी पूरी फीस की व्यवस्था

यूपी तक

• 10:00 AM • 16 Sep 2026

उत्तर प्रदेश में मकान, दुकान या गोदाम किराये पर लेने और देने वालों के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 10 लाख रुपये तक के सालाना किराये पर स्टांप शुल्क और पंजीयन फीस की व्यवस्था को सरल और किफायती बनाने का निर्णय लिया गया.

UP Rent Agreement Rules

UP Rent Agreement Rules (Photo: AI)

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UP Rent Agreement Rules: उत्तर प्रदेश में मकान, दुकान या गोदाम किराये पर लेने और देने वालों के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 10 लाख रुपये तक के सालाना किराये पर स्टांप शुल्क और पंजीयन फीस की व्यवस्था को सरल और किफायती बनाने का निर्णय लिया गया. सरकार ने 10 वर्ष तक की अवधि वाले किरायेदारी या पट्टा विलेखों पर लागू शुल्क व्यवस्था में संशोधन किया है. नए प्रावधान से किरायानामा तैयार कराने और उसका पंजीयन कराने वालों पर पड़ने वाला अतिरिक्त वित्तीय बोझ कम होगा.

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सालाना किराये के हिसाब से तय होगा शुल्क

स्टांप तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि अब निर्धारित शुल्क के आधार पर किरायेदारी से जुड़े दस्तावेजों का पंजीयन किया जाएगा. उन्होंने कहा, 'अभी किसी व्यक्ति द्वारा मकान, दुकान या गोदाम किराये पर देने अथवा लेने पर स्टांप शुल्क की गणना सर्किल रेट के आधार पर होती थी. इससे किरायानामा तैयार कराकर उसका पंजीयन कराने में लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता था.' सरकार ने इसी व्यवस्था को आसान बनाने के लिए शुल्क की नई दरें निर्धारित की हैं.

2 लाख तक किराये पर 1,000 रुपये शुल्क

नई व्यवस्था में दो लाख रुपये तक की सालाना किराया राशि पर 1,000 रुपये शुल्क देना होगा. वहीं छह लाख रुपये तक के सालाना किराये पर 3,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है. इसी तरह जिन संपत्तियों का सालाना किराया 10 लाख रुपये तक है, उनके लिए 4,500 रुपये शुल्क तय किया गया है. इस बदलाव का उद्देश्य किरायेदारी से जुड़े दस्तावेजों के पंजीयन को सरल और कम खर्चीला बनाना है.

10 साल तक की किरायेदारी पर लागू होगा बदलाव

कैबिनेट के फैसले के तहत 10 वर्ष तक की अवधि वाले किरायेदारी और पट्टा विलेखों पर प्रभावी स्टांप शुल्क एवं पंजीयन फीस में छूट की व्यवस्था को संशोधित किया गया है. सरकार के अनुसार, नई शुल्क व्यवस्था से मकान, दुकान और गोदाम किराये पर लेने या देने वाले लोगों को राहत मिलेगी. अब सर्किल रेट के आधार पर शुल्क की गणना के बजाय निर्धारित शुल्क व्यवस्था लागू होने से किरायानामा पंजीकृत कराने की प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान और किफायती होगी.