यूपी वालों को अब इस एक्सप्रेसवे पर नहीं देना पड़ेगा टोल! अधिकारियों की लापरवाही के बाद NHAI का नया फैसला

आयशा शेख़

• 07:53 PM • 05 Aug 2026

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने के मामले में NHAI ने बड़ा एक्शन लिया है. निर्माण कंपनी के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है, कई अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है और प्रभावित हिस्से की मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली भी रोक दी गई है.

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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर 26 जुलाई को हुए सड़क धंसाव मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा एक्शन लिया है. निर्माण करने वाली कंपनी के स्वतंत्र अभियंता और कई अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

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इतना ही नहीं, एक्सप्रेसवे के प्रभावित हिस्से की मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली भी रोक दी गई है. यानी इस रास्ते से गुजरने वाले यात्रियों को फिलहाल टोल नहीं देना होगा.

26 जुलाई को हुआ था सड़क धंसने का मामला

NHAI के मुताबिक, 26 जुलाई 2026 को कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर-64 के पास सड़क का एक हिस्सा धंस गया था. घटना सामने आते ही प्रभावित हिस्से की मरम्मत शुरू कर दी गई और वहां से गुजरने वाले वाहनों के लिए ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया.

प्राधिकरण का कहना है कि फिलहाल डायवर्जन के जरिए यातायात सामान्य रूप से चल रहा है.

कंपनी को को 'नॉन-परफॉर्मर' घोषित करने की तैयारी

NHAI ने निर्माण कंपनी पीएनसी इन्फ्राटेक लिमिटेड को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने का प्रस्ताव देते हुए नोटिस जारी किया है. अगर यह कार्रवाई पूरी होती है तो कंपनी भविष्य में NHAI की नई परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य हो सकती है. 

इसके अलावा कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन बड़ी कार्रवाई का प्रस्ताव दिया गया है.

  1. परफॉर्मेंस सिक्योरिटी का 2% तक जुर्माना.
  2. हाईवे और पेवमेंट से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों को अधिकतम 3 साल तक डिबार करने की प्रक्रिया.
  3. कंपनी की रेटिंग डाउनग्रेड करना, जिससे भविष्य की परियोजनाओं में उसकी पात्रता प्रभावित होगी.

3 करोड़ रुपये अपने खर्च पर करेगी मरम्मत

NHAI ने साफ कहा है कि प्रभावित हिस्से की पूरी मरम्मत करीब 3 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्माण कंपनी को अपने खर्च पर करनी होगी. इस काम का कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ NHAI पर नहीं आएगा.

कई अधिकारियों पर भी गिरी गाज

प्राधिकरण ने परियोजना की निगरानी में कथित लापरवाही को गंभीर मानते हुए कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है. निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, स्वतंत्र अभियंता के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को परियोजना से हटा दिया गया है.

इन तीनों को दो साल तक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), NHAI और NHIDCL की किसी भी परियोजना में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है.

परियोजना निदेशकों पर भी कार्रवाई

मौजूदा परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है.

वहीं, पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया और वर्तमान परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा के खिलाफ भी कथित लापरवाही को लेकर आरोप-पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है. NHAI का कहना है कि अधिकांश निर्माण कार्य सौरभ चौरसिया के कार्यकाल में हुआ था.

फिलहाल नहीं देना होगा टोल

NHAI ने साफ किया है कि जब तक प्रभावित हिस्से का पूरा सुधार कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक इस एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली बंद रहेगी. यात्रियों से कोई टोल नहीं लिया जाएगा. इस दौरान होने वाले टोल राजस्व के नुकसान की भरपाई निर्माण कंपनी से की जाएगी.

NHAI ने क्या कहा?

NHAI ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण और रखरखाव में गुणवत्ता, सुरक्षा और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. प्राधिकरण का कहना है कि जहां भी लापरवाही मिलेगी, वहां जिम्मेदार एजेंसियों और अधिकारियों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी.