UP Weather News: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ता नजर आ रहा है. कल 6 अगस्त को पश्चिमी यूपी में लगभग सभी स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. मौसम विभाग ने पश्चिमी यूपी के 10 से अधिक जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. वहीं पूर्वी यूपी में भी 40 से जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट है. मौसम के इस बदले मिजाज के बीच किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
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पश्चिमी यूपी के इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
पश्चिमी यूपी के लिए जारी चेतावनी के मुताबिक संभाग में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की बहुत संभावना है. ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में बिजनौर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, फतेहपुर, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी और सहारनपुर शामिल हैं. इन क्षेत्रों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज मौसम गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों और अनावश्यक यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
40 से ज्यादा जिलों में येलो अलर्ट जारी
पूर्वी यूपी में अनेक स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है. वहीं कहीं-कहीं भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी है. येलो अलर्ट वाले जिलों में बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, अमरोहा, बदायूं, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बाराबंकी, लखनऊ, कानपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, औरैया, इटावा, मैनपुरी, एटा, जालौन, प्रयागराज, प्रतापगढ़, अमेठी, मिर्जापुर, सोनभद्र, महोबा, हमीरपुर और बस्ती शामिल हैं. सूची में बाराबंकी दो बार दर्ज था, जिसे यहां एक बार ही शामिल किया गया है.
यूपी में अब तक सबसे ज्यादा कहां हुई बारिश?
आईएमडी के 4 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 4 अगस्त 2026 के बीच उत्तर प्रदेश में सामान्य के मुकाबले सबसे ज्यादा बारिश मेरठ जिले में दर्ज की गई है. दिए गए मानचित्र के अनुसार मेरठ में संचयी वर्षा सामान्य से 72 फीसदी अधिक रही. इसके बाद मुजफ्फरनगर में सामान्य से 67 फीसदी और बिजनौर में 64 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई. आंकड़े बताते हैं कि पश्चिमी यूपी के इन जिलों में इस मानसून अब तक सामान्य से काफी ज्यादा बारिश हुई है. ऐसे में 6 अगस्त को जारी भारी बारिश के अलर्ट के बीच इन क्षेत्रों में मौसम पर विशेष नजर रखना जरूरी होगा.
किसानों के लिए जरूरी बातें
बारिश के दौरान किसानों को खेतों में जलभराव की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए. भारी बारिश की संभावना वाले इलाकों में फसल और खेतों की मेड़ को नुकसान से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम करें. खेतों में पानी अधिक जमा होने पर निकासी की व्यवस्था रखें. गरज-चमक के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचें और मौसम साफ होने का इंतजार करें.
आम लोगों के लिए क्या सावधानी जरूरी?
भारी बारिश और गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए. जलभराव वाले रास्तों पर जाने से पहले स्थिति की जानकारी ले लें. बहुत जरूरी न हो तो खराब मौसम में यात्रा करने से बचें. घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट और प्रशासन की सलाह पर नजर रखना भी जरूरी है.
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