पीएम मोदी को गाली देने वाली लड़की पर FIR कराने वाली महिला ने अब क्या किया? कहा- मेरा पास आई थी कॉल

यूपी तक

05 Aug 2026 (अपडेटेड: 05 Aug 2026, 04:05 PM)

जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी के मामले में नया मोड़ आया है. शिकायत दर्ज कराने वाली सुप्रीम कोर्ट की वकील स्मृति सिंह ने अपनी शिकायत वापस लेने का फैसला किया है.

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के मामले में नया अपडेट आया है. इस मामले में शिकायत दर्ज कराने वाली सुप्रीम कोर्ट की वकील स्मृति सिंह ने अब अपनी शिकायत वापस लेने का फैसला किया है.

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नाबालिग लड़की के खिलाफ दर्ज जीरो एफआईआर की जांच दिल्ली पुलिस कर रही थी. अब शिकायत वापस लेने के पीछे स्मृति सिंह ने दो बड़ी वजहें बताई हैं- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संबंधित बच्चों को माफ किए जाने की बात और नाबालिग लड़की की ओर से सार्वजनिक रूप से माफी मांगना.

क्या है पूरा मामला?

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल का वीडियो सामने आने के बाद गाजियाबाद निवासी और सुप्रीम कोर्ट की वकील स्मृति सिंह ने नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में शिकायत दर्ज कराई थी.

चूंकि घटना दिल्ली के जंतर-मंतर की थी, इसलिए मामला जीरो एफआईआर के रूप में दर्ज किया गया और आगे की जांच दिल्ली पुलिस को भेज दी गई.

अब क्यों वापस ली शिकायत?

स्मृति सिंह ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल की गई भाषा पर उन्हें आपत्ति थी, इसलिए उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी. हालांकि अब उन्होंने शिकायत वापस लेने का फैसला किया है.

उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संबंधित बच्चों को माफ किए जाने की बात सामने आने और नाबालिग लड़की द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के बाद उन्होंने शिकायत वापस लेने का निर्णय लिया.

'बच्चे गलती कर सकते हैं'

स्मृति सिंह ने कहा कि बच्चे गलती कर सकते हैं, लेकिन प्रदर्शन आयोजित करने वालों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे उन्हें इस तरह की बयानबाजी से रोकें.

उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन में शामिल होने से पहले बच्चों और उनके अभिभावकों को समझना चाहिए कि प्रदर्शन का उद्देश्य क्या है और कहीं उनका राजनीतिक इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा.

आयोजकों पर भी उठाए सवाल

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों, सेना के जवानों और मीडिया कर्मियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, जो उचित नहीं था.

उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन में अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन भाषा और व्यवहार की मर्यादा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है.

दिल्ली पुलिस कर रही थी जांच

स्मृति सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज जीरो एफआईआर की जांच दिल्ली पुलिस के पास थी. अब शिकायत वापस लिए जाने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित एजेंसियां अपने स्तर पर तय करेंगी.