BJP और संघ से रिश्ते को लेकर रहे चर्चा में, जानिए कौन हैं तारीक मंसूर जो बने यूपी में MLC

यूपी तक

• 12:49 PM • 04 Apr 2023

UP MLC Elections 2023: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (Aligarh Muslim University) के वाइस चांसलर तारिक मंसूर (Tariq Mansoor) को भाजपा और संघ से नजदीकी का इनाम…

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UP MLC Elections 2023: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (Aligarh Muslim University) के वाइस चांसलर तारिक मंसूर (Tariq Mansoor) को भाजपा और संघ से नजदीकी का इनाम एमएलसी पद के रूप में मिलने वाला है. यूपी सरकार के ओर से उन्हें उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य के तौर पर मनोनित किया गया है.

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भाजपा और संघ से मिला नजदीकियों का इनाम

बता दें कि प्रोफ़ेसर तारिख मंसूर की कुलपति बनने से पहले ही भाजपा और संघ के कद्दावर नेताओं से काफी नजदीकियां रही है. तारिख मंसूर को कुलपति बनाने में संघ और भाजपा नेताओं ने भी सिफारिश की थी. इसलिए विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह और अन्य कार्यक्रम में भाजपा नेताओं की मौजूदगी रहती थी. इतना ही नहीं प्रोफेसर तारिख मंसूर के बेटे के बलीमें मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय सह कार्यवाह प्रचारक भाजपा नेता शामिल हुए थे और वर-वधू को आशीर्वाद दिया था.

पिछले दिनों दिल्ली में पदम श्री पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति प्रधानमंत्री सहित अन्य मंत्रियों के साथ प्रोफेसर तारिख मंसूर की मौजूदगी खासी चर्चा का विषय रही थी. भाजपा और संघ को लेकर प्रोफेसर तारीख का जो काम रहा है. पिछले दिनों हिंदू छात्रों को आनन-फानन हॉस्टल में कमरा आवंटित करना उसी से जोड़कर देखा जा रहा है.

जानिए कौन हैं तारीक मंसूर

20 सितंबर 1956 को जन्मे प्रोफेसर तारिख मंसूर ने 17 मई 2017 को एवं कुलपति पद का जिम्मा संभाला था. वर्ष 2022 में उनका कार्यकाल पूरा हो गया था. 17 मई 2022 को उन्हें एक साल का सेवा विस्तार मिल गया था. वर्तमान समय में कुलपति हैं, उनका एक साल का सेवा विस्तार 17 मई 2023 को पूरा हो रहा है. प्रोफेसर हबीब उर रहमान के बेटे मंसूर मानसून ने वर्ष 1978 में जेएन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और 1982 से एमएस की डिग्री ली है. उन्हें 19 शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में कई पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है.