UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की 6 जनवरी को कैबिनेट मीटिंग हुई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए. इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यम्नत्री योगी आदित्यनाथ ने की. कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि बैठक में कुल 14 प्रस्ताव आए, जिनमें से 13 पारित कर दिए गए. वैसे तो कैबिनट मीटिंग में कई बड़े फैसले लिए गए लेकिन इनमें एक अहम निर्णय शिकोहाबाद के JS विश्वविद्यालय की मान्यता समाप्त करने का लिया गया.
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JS विश्वविद्यालय क्यों बंद किया जा रहा है?
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार, जांच में बेहद गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं. यूनिवर्सिटी ने नियमों को ताक पर रखकर बीपीएड (BP.Ed) कोर्स की फर्जी और बैक डेट (पुरानी तारीख) में मार्कशीट और डिग्रियां बांटीं. इन फर्जी डिग्रियों का इस्तेमाल राजस्थान की शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती-2022 में किया गया. इस मामले में राजस्थान पुलिस की जांच के बाद यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति और कुलसचिव को गिरफ्तार भी किया गया. यूनिवर्सिटी ने न तो जमीन के मानकों का पालन किया और न ही उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद को जरूरी विवरण दिए. इसे एक संगठित अपराध माना गया है.
अब आगे क्या होगा?
यूनिवर्सिटी बंद होने के बाद इसके सभी रिकॉर्ड और दस्तावेज डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के पास जमा कर दिए जाएंगे. पुराने छात्रों की मार्कशीट और डिग्रियों का वेरिफिकेशन अब आगरा यूनिवर्सिटी के पास रखे गए उन्हीं रिकॉर्ड्स के आधार पर होगा. जब तक बंद करने की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक यूनिवर्सिटी के कामकाज को संभालने के लिए सरकार ने तीन सदस्यों की एक कमेटी बना दी है.
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