SIR के बाद क्या यूपी में मुस्लिम बहुल इलाकों में ही वोट कटे? किस जिले में कितने वोट कटे इस लिस्ट में खुद देख लीजिए

वोटर लिस्ट का नया ड्राफ्ट जारी होने के बाद ऐसी चर्चा चल रही है कि सबसे ज्यादा वोट मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में कटे हैं. इसे समझने के लिए जब हमने मुस्लिम बाहुल्य इलाके वाले जिले में वोटर्स के नाम कटने की जांच की तो सच्चाई कुछ और ही पता चली.

SIR Voter list

कुमार अभिषेक

• 11:33 AM • 07 Jan 2026

follow google news

उत्तर प्रदेश में विशेष पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद वोटर लिस्ट का नया ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक पूरे प्रदेश में कुल 2.89 करोड़ नाम सूची से हटाए गए हैं. इनमें सबसे ज्यादा नाम लखनऊ और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों से कटे हैं. लखनऊ में सबसे ज्यादा 12 लाख मतदाताओं के नाम कटेंगे. दूसरे नंबर पर प्रयागराज है जहां 11.56 लाख नाम कटेंगे. इसके बाद कानपुर नगर में नौ लाख, आगरा में 8.36 लाख, गाजियाबाद में 8.18 लाख, बरेली में 7.14 लाख, मेरठ में 6.65 लाख, गोरखपुर में 6.45 लाख, सीतापुर में 6.23 लाख और जौनपुर में 5.89 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए हैं. एक तरफ जहां करोड़ों नाम कटे हैं वहीं 15 लाख से ज्यादा नए लोगों ने फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन भी किया है.

यह भी पढ़ें...

लिस्ट में देखें कितने वोट कटे

नए ड्राफ्ट लिस्ट के अनुसार, सहारनपुर में 16.37% वोट कटे, मुजफ्फरनगर में 16.29%, मेरठ में 24.65%, गाजियाबाद में 28.83% , बुलन्दशहर में 15.14%, गौतमबुद्ध नगर में 23.98% , बागपत में 18.15%, आगरा में 23.25%, अलीगढ में 18.60%, मथुरा में 19.19% , फिरोजाबाद में 18.13%, मैनपुरी में 16.17%, एटा में 16.80%, हाथरस में 16.30% , बरेली में 20.99%, बदायूं में 20.39% , शाहजहांपुर में 21.76%, पीलीभीत में 13.61% , मुरादाबाद में 15.76%, रामपुर में 18.29% , बिजनौर में 15.53%, अमरोहा में 13.22% , कानपुर नगर में 25.50%, कानपुर देहात 15.26% , इटावा में 18.95%, फर्रुखाबाद में 20.80% , कन्नौज में 21.57%, औरैया में 15.36%, प्रयागराज में 24.64%, फ़तेहपुर में 16.32% , प्रतापगढ़ में 19.81%, कौशांबी में 18% , झांसी में 13.92%, ललितपुर में 9.95% , जालौन में 16.34%, हमीरपुर में 10.78% , महोबा में 12.42%, बांदा में 13% , चित्रकूट में 13.67%, वाराणसी में 18.18% , जौनपुर में 16.51%, गाजीपुर में 13.85% , चंदौली में 15.45%, मिर्जापुर में 17.94% , सोनभद्र में 17.93%, भदोही में 16.73% , आजमगढ़ में 15.25%, मऊ में 17.52% , बलिया में 18.16%, गोरखपुर

मुस्लिम बाहुल्य इलाके में कटे वोट?

वोटर लिस्ट का नया ड्राफ्ट जारी होने के बाद ऐसी चर्चा चल रही है कि सबसे ज्यादा वोट मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में कटे हैं. इसे समझने के लिए जब हमने मुस्लिम बाहुल्य इलाके वाले जिले में वोटर्स के नाम कटने की जांच की तो सच्चाई कुछ और ही पता चली. पश्चिमी यूपी का मुस्लिम बाहुल्य इलाका मानें जाने वाले मेरठ में 24.65% वोट कटे हैं. वहीं गाजियाबाद में 28.83% वोट कटे हैं. सबसे घनी मुस्लिम आबादी वाले रामपुर जिले में 18.29% और बरेली में 20.99% वोट कटे हैं. इसके अलावा मुरादाबाद, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जैसे जिलों में यह आंकड़ा 15% से 17% के बीच है. लेकिन इन आंकड़ों से ये बात साफ नहीं होती है कि सिर्फ मु्स्लिम बाहुल्य इलाके में ही लोगों के वोट कटे हैं. बल्कि पूरे 75 जिलें में लोगों के वोट कटे हैं.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार मतदाता सूची के शुद्धिकरण अभियान (SIR) के दौरान कुल 2 करोड़ 88 लाख 74 हजार 67 लोगों के नाम हटाए गए हैं. आयोग ने इन नामों को हटाने के पीछे 5 बड़ी वजहें बताई गई हैं.

1. मृतक मतदाता- बड़ी संख्या में ऐसे नाम लिस्ट में शामिल थे जिनकी मृत्यु हो चुकी थी. SIR के दौरान परिजनों से पुष्टि के बाद इन नामों को आधिकारिक रूप से हटा दिया गया है.

2. डुप्लीकेट नाम- कई मतदाता ऐसे थे जिनका नाम एक से ज्यादा पोलिंग बूथ या विधानसभा क्षेत्र में दर्ज था. नियमों के अनुसार उनका नाम केवल एक ही जगह बरकरार रखा गया और बाकी जगहों से हटा दिया गया.

3. स्थाई रूप से शिफ्ट होना-तीसरी श्रेणी उन लोगों की है जो अब अपने पुराने पते पर नहीं रहते और स्थाई तौर पर किसी दूसरे शहर या राज्य में बस गए हैं.

4. फॉर्म लेकर जमा न करना- एक बड़ी संख्या उन लोगों की भी है जिन्होंने BLO (बीएलओ) से गणना प्रपत्र (फॉर्म) तो लिया. लेकिन उसे भरकर वापस जमा नहीं किया. फॉर्म जमा न होने की स्थिति में उनके नाम लिस्ट में शामिल नहीं किए जा सके.

5. लापता मतदाता- इसमें ऐसे मतदाता शामिल हैं जिन्हें बीएलओ ने करीब डेढ़ महीने तक खोजने की कोशिश की. लेकिन वे अपने दिए गए पते पर नहीं मिले. संपर्क न हो पाने के कारण इन्हें लापता यानी मौके पर मौजूद ना मानकर सूची से बाहर कर दिया गया.

 

ये भी पढ़ें: यूपी में SIR के बाद कांग्रेस के बड़े नेता गुरदीप सप्पल और उनके पूरे परिवार का वोट कटा! इस केस में अब ये पता चला

 

    follow whatsapp