UP News: क्या यूपी के अंदर घर में रखी शराब की बोतलें आपको कानूनी पंचड़े में फंसा सकती हैं? जेल की सैर करा सकती हैं? ऐसा बिल्कुल हो सकता है क्योंकि इसके लिए बकायदा आबकारी विभाग के कायदे और कानून हैं. शायद गाजियाबाद के इंदिरापुरम में रहने वाले क्लाइमेट एक्टिविस्ट हरजीत सिंह को इसकी जानकारी नहीं थी, इसलिए वो घर में मौजूद शराब की बोतलों को लेकर फंस गए हैं. असल में इंदिरापुरम की ऑरेंज काउंटी सोसायटी में रहने वाले हरजीत सिंह के फ्लैट पर पिछले दिनों प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने छापा मारा. हरजीत सिंह सतत सम्पदा प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं और ये छापेमारी उनपर फेमा (FEMA) जांच के सिलसिले में की गई थी. जांच के दौरान ED को हरजीत सिंह के फ्लैट से महंगी शराब का जखीरा मिला. तब इस केस में आबकारी विभाग की एंट्री हो गई. ED ने 5 जनवरी को आबकारी विभाग को ई-मेल भेजा. सूचना मिलते ही गाजियाबाद आबकारी निरीक्षक अखिलेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. वहां से उन्होंने 46 बोतल विदेशी शराब और 1 कैन बीयर बरामद की. इसकी कुल मात्रा 45.75 लीटर है. ये यूपी में तयशुदा लिमिट से ज्यादा है.
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ऐसे में यह सवाल कौंधा कि उत्तर प्रदेश का एक आम आदमी अपने घर में कितनी लीटर शराब और बीयर रख सकता है ताकि वह कानूनी तौर पर सेफ रहे. इसी सवाल का जवाब पूछने के लिए हमने गाजियाबाद में तैनात आबकारी निरीक्षक अखिलेश कुमार से खास बात की. हमने उनसे इसके नियम समझे. यहां नीचे पढ़िए उन्होंने क्या-क्या बताया.
घर कितनी लीटर रखी जा सकती है शराब और बीयर?
अखिलेश कुमार ने बताया कि अपने घर में आप अधिकतम 4.5 लीटर शराब रख सकते हैं. इसमें विस्की, ब्रांडी, रम, वाइट रम, जिन, टकीला, वोडका सब शामिल है. इसके साथ आप इंपोर्टेड शराब भी 4.5 लीटर रख सकते हैं. यानी भारतीय और इंपोर्टेड शराब मिलाकर आप 9 लीटर तक अपने घर में रख सकते हैं. इसके अलावा घर में ज्यादा से ज्यादा आप 6 लीटर बीयर ही रख सकते हैं.
अखिलेश कुमार ने ये भी बताया कि किसी और राज्य की शराब को उत्तर प्रदेश में लाकर रखना भी अपराध की श्रेणी में आता है. आप उत्तर प्रदेश के अंदर सिर्फ यूपी में बनी शराब का सेवन कर सकते हैं. दूसरे स्टेट की शराब भी आपको मुसीबत में फंसा सकती है.
ये तो हो गई कि कानून शराब की लिमिट की बात. पर यहां एक आपको एक हेल्थ एडवाइस देते चलें. गैस्ट्रो के एक्सपर्ट्स का मानना है कि आपके शरीर के लिए शराब की कोई भी लिमिट एडवाइसेबल नहीं है. सीधे शब्दों में कहें, तो एक बूंद शराब भी आपके लिए हानिकारक श्रेणी में ही आती है. शराब की बजाय पानी खूब पीएं.
लिमिट से ज्यादा शराब रखने पर क्या कार्रवाई हो सकती है?
आबकारी अधिनियम 1910 की धारा 63 कहती है कि जब कोई व्यक्ति तय सीमा से अधिक मात्रा में शराब रखता है तो 6 महीने से लेकर 3 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है. यह जुर्माना 5000 रुपये से लेकर 25000 रुपये के बीच या बरामद शराब की कुल कीमत के आधार पर तय किया जाता है.
अब हरजीत सिंह का केस भी जान लीजिए
हम आपको ऊपर ही बता चुके हैं कि ईडी ने छापेमारी के दौरान हरजीत सिंह के घर शराब की बोतलें देखीं तो उसे आबकारी विभाग को फ्लैग किया. हरजीत के घर से जो शराब मिलीं उनके बारे में भी जान लीजिए-
- Chivas Regal: 33 बोतल (1000 ML)
- जानी वॉकर ब्लैक लेबल: 3 बोतल (1000 ML)
- ग्लैन ऑरेंजी: 4 बोतल (1000 ML)
- मंकी शोल्डर: 02 बोतल (1000 ML)
- रॉयल रणथंभौर: 1 बोतल (750 ML)
- द स्पिरिट ऑफ कश्मीर वोदका: 1 बोतल (750 ML)
- हैप्पीली क्राफ्टेड जिन: 1 बोतल (750 ML)
- डीवार्स: 1 बोतल (1000 ML)
- ऑरेंज बूम बीयर: 1 कैन (500 ML)
हरजीत पर क्या हैं आरोप?
आरोपी हरजीत सिंह ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने यह शराब अपनी विदेश यात्राओं के दौरान एयरपोर्ट के ड्यूटी फ्री शॉप से खरीदी थी. कुछ लोकल बाजार से खरीदकर अपने इस्तेमाल के लिए जमा की थी. आरोप हैं कि हरजीत शराब को रखने और उसकी वैधता से जुड़े कोई कागजात पेश नहीं कर सके. इसके चलते आबकारी विभाग ने हरजीत सिंह को अरेस्ट कर लिया. हालांकि, गाजियाबाद की एक अदालत ने 6 जनवरी को उन्हें जमानत दे दी थी.
ED की कार्रवाई पर 'सतत संपदा' ने दिया ये बयान
'सतत संपदा' ने पीटीआई को दिए एक बयान में कहा कि चूंकि मामला अभी न्यायालय के अधीन है, इसलिए वे इस कार्रवाई पर अधिक विवरण साझा करने में असमर्थ हैं. संस्था ने कहा, "हम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि मीडिया में आ रहे आरोप निराधार, पक्षपाती और भ्रामक हैं."
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