विकास की रफ्तार पर दौड़ेगा कुशीनगर, मुख्यमंत्री ने 525 करोड़ की 464 परियोजनाओं को दिखाई हरी झंडी

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12 Jul 2026 (अपडेटेड: 12 Jul 2026, 02:02 PM)

 Kushinagar Development: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर जिले के विकास के लिए शनिवार को 525 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 464 विकास परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई है. कुशीनगर जिला आज कृषि, स्वास्थ्य से लेकर महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में मजबूती से आगे बढ़ रहा है.

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Kushinagar Development: भगवान बुद्ध की पवित्र स्थली कुशीनगर आज विकास की नई उड़ान भर रही है. उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने जिले में विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया है. इसके साथ ही खेती, स्वास्थ्य, पर्यटन और महिलाओं को सशक्त बनाने के क्षेत्र में भी शानदार काम किया है. विकास की इसी रफ्तार को और तेज करने के लिए शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर, रामकोला और हाटा विधानसभा क्षेत्र के लोगों को बड़ी सौगात दी है. उन्होंने 525 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाली कुल 464 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया है.

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464 परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर, रामकोला और हाटा विधानसभा क्षेत्रों के लिए 525 करोड़ रुपये की लागत वाली 464 विकास परियोजनाओं की सौगात दी है. इन परियोजनाओं का उद्देश्य जिले में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि और अन्य बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर बनाना है. 

जानकारी के मुताबिक कुशीनगर सदर विधानसभा के लिए करीब 251 करोड़ रुपये की लागत वाली 197 परियोजनाएं आवंटित की गई हैं. तो वहीं, रामकोला विधानसभा के लिए करीब 112 करोड़ रुपए की लागत वाली 122 परियोजनाएं को आवंटित किया गया है. इसके साथ ही हाटा विधानसभा में भी करीब 161 करोड़ रुपए की लागत से 145 परियोजनाओं को आवंटित किया गया है.   

ओडीओपी और चीनी मिलों से किसानों को लाभ

कुशीनगर मुख्य रूप से एक कृषि प्रधान जिला है, यहां किसान गन्ना, केला, धान, मक्का और सब्जियों की फसलें बड़े स्तर परा उगाता हैं. प्रदेश की सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) योजना के तहत कुशीनगर को केले से बने उत्पादों के लिए चुना है. इससे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान और बाजार मिला है. तो वहीं जिले की चार चीनी मिलों को आधुनिक बनाकर उनकी पेराई क्षमता बढ़ाई गई है. जिसके चलते गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिलेगा.

किसानों को मिल रहा लाभ

इसके अलावा पीएम किसान सम्मान निधि योजना के जरिए 6 लाख 72 हजार 837 किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है. भविष्य की खेती को सुधारने के लिए यहां महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का निर्माण भी तेजी से हो रहा है. इससे भविष्य में कृषि शिक्षा और नई तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा.

स्वास्थ्य और पर्यटन को नई गति

जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए एक नया राजकीय मेडिकल कॉलेज खोला गया है. जिसके चलते यहां के लोगों को मेडिकल सुविधाओं के साथ अच्छा और बेहतर इलाज का लाभ मिल रहा है. इसके साथ ही कुशीनगर में बने नए अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को यहां की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है. यह एयरपोर्ट विदेशी पर्यटकों को भारतीय पर्यटन के लिए लुभा रहा है. इसी का नतीजा है कि इस साल मार्च-अप्रैल 2026 में यहां इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव का बेहद सफल आयोजन हुआ है.जिससे कुशीनगर की पहचान पूरी दुनिया में और मजबूत बनकर उभरी है.

महिलाओं और युवाओं को मिला रोजगार

इतना ही नहीं कुशीनगर में महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए भी बड़े स्तर पर काम हुआ है. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में 18,938 स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं, जिनसे जुड़कर 2 लाख 8 हजार 858 महिलाओं ने लाभ उठाया है. इसके साथ ही, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की मदद से 550 लाभार्थियों को स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान किए गए हैं. विकास के हर क्षेत्र में आगे बढ़ता कुशीनगर आज अपनी विरासत के साथ समृद्धि की नई कहानी लिख रहा है.

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