Indian Railways: वाराणसी से पंजाब के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. पंजाब रेल के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने जानकारी साझा करते हुए लिखा है कि रेलवे बोर्ड ने पंजाब के छेहरटा (अमृतसर के पास) से वाराणसी (कैंट स्टेशन) के बीच एक नई ट्रेन चलाने की मंजूरी दे दी है. इस ट्रेन का नाम महान समाज सुधारक और संत गुरु रविदास जी के नाम पर 'संत रविदास एक्सप्रेस' रखा गया है. यह ट्रेन हफ्ते में तीन दिन संचालित की जाएगी. इस ट्रेन के माध्यम से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ यात्रियों का सफर भी आसान होगा. हालांकि, रेलवे ने अभी इस ट्रेन के संचालन की आधिकारिक तारीख का ऐलान नहीं किया है.
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वाराणसी से छेहरटा की टाइमिंग
ट्रेन नंबर 14623 (वाराणसी-छेहरटा संत रविदास एक्सप्रेस) हर गुरुवार, शनिवार और सोमवार को चलेगी. यह ट्रेन शाम 7.50 बजे वाराणसी कैंट स्टेशन से रवाना होगी और रात 12.10 बजे लखनऊ पहुंचेगी. इसके बाद अगले दिन शाम करीब 4.35 बजे यह ट्रेन अमृतसर पहुंचेगी. अमृतसर से रवाना होने के बाद यह ट्रेन 5.10 बजे अपने आखिरी स्टेशन छेहरटा पहुंच जाएगी.
छेहरटा से वाराणसी की टाइमिंग
वापसी में यह ट्रेन नंबर 14624 (छेहरटा-वाराणसी संत रविदास एक्सप्रेस) बनकर चलेगी. यह हर बुधवार, शुक्रवार और रविवार को छेहरटा से दोपहर 2.05 बजे रवाना होगी और 2.25 बजे अमृतसर पहुंचेगी. इसके बाद अगले दिन यह ट्रेन सुबह 7.25 बजे लखनऊ होते हुए दोपहर 12.15 बजे तक वाराणसी कैंट स्टेशन पहुंच जाएगी.
इन स्टेशनों पर रुकेगी नई ट्रेन
इस नई ट्रेन का पंजाब और यूपी के कई बड़े स्टेशनों पर स्टॉपेज दिया गया है. अपने सफर के दौरान यह ट्रेन अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, अंबाला कैंट, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, सुलतानपुर और जौनपुर सिटी स्टेशनों पर रुकेगी. रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन में दो ट्रेन में 2 एलएचबी रैक की बोगियां शामिल की गईं हैं.
यात्रियों की पुरानी मांग हुई पूरी
अभी तक वाराणसी से अमृतसर के लिए कोई भी सीधी ट्रेन नहीं थी. पंजाब मेल, जलियांवाला बाग, दुर्गियाना और अकाल तख्त जैसी कुछ ट्रेनें सिर्फ वाराणसी कैंट से होकर गुजरती थीं. ऐसे में काफी समय से वाराणसी और पंजाब के बीच एक सीधी ट्रेन चलाने की मांग की जा रही थी, जिसे अब रेलवे ने पूरा कर दिया है.
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस ट्रेन का नाम गुरु रविदास जी के नाम पर रखने से पंजाब और काशी के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे. यह ट्रेन न सिर्फ यात्रियों को बेहतरीन सफर का अनुभव देगी, बल्कि पंजाब से वाराणसी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी सुविधाजनक साबित होगी.
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