UP Monsoon: उत्तर प्रदेश में मॉनसून की रफ्तार तेज होते ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने ताजा अनुमान जारी करते हुए 12 जुलाई को प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है. मौसम केंद्र लखनऊ ने विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के 13 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने को कहा है. राहत की बात यह है कि लगातार हो रही इस बारिश के चलते अगले 24 से 48 घंटों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी.
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इन 13 जिलों में भारी बारिश का हाई अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून की सक्रियता के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में मौसम सबसे ज्यादा आक्रामक रहेगा. 12 जुलाई को जिन जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की सबसे अधिक संभावना है उनमें गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर, महराजगंज, आजमगढ़ और मऊ, बलिया, गाजीपुर और बस्ती संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर और अंबेडकर नगर जैसे जिले शामिल हैं.
मौसम विभाग की मानें तो यूपी में बारिश के साथ तेज हवाएं भी चलेंगी. हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. लखनऊ का अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.
आम जनता और यात्रियों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) के खतरे को देखते हुए मौसम केंद्र लखनऊ ने आम जनजीवन के लिए एडवायजरी जारी की है.
जलभराव वाले रास्तों से दूरी: निचले इलाकों, जलमग्न सड़कों और अंडरपास/सुरंगों में जाने से बचें, क्योंकि वहां अचानक पानी का स्तर बढ़ सकता है.
आकाशीय बिजली से ऐसे बचें: आसमान में बिजली कड़कने या मेघगर्जन के दौरान भूलकर भी पेड़ों के नीचे खड़े न हों. इस दौरान पक्के और सुरक्षित मकानों के अंदर ही शरण लें.
सड़क यात्रा में सावधानी: बारिश के दौरान दृश्यता (Visibility) कम होने और सड़कों पर फिसलन बढ़ने के कारण वाहन चलाते समय गति धीमी रखें और विशेष सावधानी बरतें.
किसानों के लिए विशेष एडवायजरी
मौसम विभाग ने इस भारी बारिश को देखते हुए अन्नदाताओं को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए अलर्ट किया है.
1.खेतों में अत्यधिक जलभराव होने से धान, मक्का, अरहर और गन्ने की फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है.
2.नुकसान से बचने के लिए किसान भाई अपने खेतों से पानी की निकासी की उचित व्यवस्था तुरंत कर लें, ताकि खड़ी फसलें खराब न हों.
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