327 करोड़ से बना था कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यहां 2023 से नहीं उड़ी एक भी फ्लाइट! RTI में बड़ा खुलासा 

Kushinagar Airport RTI News: इंडिया टुडे की RTI रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है. 327 करोड़ की लागत से बने कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 2 साल से एक भी कमर्शियल फ्लाइट नहीं उड़ी. मेंटेनेंस खर्च 152% बढ़ा.

Kushinagar International Airport (Photo/@aaikushiairport)

यूपी तक

20 Jan 2026 (अपडेटेड: 20 Jan 2026, 04:44 PM)

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Kushinagar Airport RTI News: जिस कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बौद्ध पर्यटन के लिए दुनिया का बड़ा गेटवे बताया गया था, वह आज एक सफेद हाथी साबित हो रहा है. इंडिया टुडे की एक्सक्लूसिव RTI रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि पिछले दो साल से अधिक समय से इस एयरपोर्ट से एक भी निर्धारित व्यावसायिक उड़ान नहीं उड़ी है. अक्टूबर 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 327 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था. मकसद था कुशीनगर को लुंबिनी, सारनाथ और बोधगया जैसे बौद्ध तीर्थ स्थलों से जोड़कर वैश्विक पर्यटन का केंद्र बनाना. उद्घाटन के समय श्रीलंका से बौद्ध भिक्षु और बड़े नेता आए थे, लेकिन आज हकीकत कुछ और ही है. 

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RTI में हुआ चौंकाने वाला खुलासा 

RTI (सूचना का अधिकार) के तहत एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने जो जानकारी दी है, उसके मुताबिक, नवंबर 2023 के बाद से यहां से कोई भी कमर्शियल फ्लाइट नहीं चली है. साल 2024 और 2025 में निर्धारित उड़ानों की संख्या शून्य रही. मार्च 2022 में सबसे ज्यादा  54 उड़ानें दर्ज हुई थीं, लेकिन उसके बाद ग्राफ गिरता गया. आखिरी बार नवंबर 2023 में सिर्फ 6 उड़ानें लैंड हुई थीं. 

मालूम हो कि एयरपोर्ट बनाने में 327.30 करोड़ रुपये लगे थे. इसमें AAI ने 125 करोड़ और यूपी सरकार ने 202 करोड़ खर्च किए. लेकिन अब यह बुनियादी ढांचा सिर्फ वीआईपी या चार्टर्ड विमानों के लिए ही इस्तेमाल हो रहा है. 

खर्च बढ़ा, फ्लाइट्स गायब

हैरानी की बात यह है कि जब उड़ानें बंद हो रही थीं, तब भी एयरपोर्ट के रख-रखाव का खर्च लगातार बढ़ता गया:

  • साल 2021-22 में सालाना खर्च 135 लाख रुपये था. 
  • साल 2024-25 तक यह खर्च बढ़कर 342 लाख पहुंच गया (करीब 152% की बढ़ोत्तरी). इसमें कर्मचारियों की सैलरी शामिल नहीं है, यानी वास्तविक खर्च इससे कहीं ज्यादा है. 

नवंबर 2025 में अचानक हलचल क्यों?

RTI डेटा के अनुसार नवंबर 2025 में अचानक 50 चार्टर्ड उड़ानें दिखाई दीं. यह कोई सुधार नहीं, बल्कि एक धार्मिक आयोजन था.  कुशीनगर भिक्षु संघ के अध्यक्ष भदंत ज्ञानेश्वर के अंतिम संस्कार में 40 देशों के भिक्षु और श्रद्धालु आए थे, जिनके लिए विशेष विमान उतरे थे. 

सरकार और मंत्रालय का ये है पक्ष 

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिया टुडे को बताया कि स्पाइसजेट ने नवंबर 2023 तक दिल्ली-कुशीनगर उड़ानें चलाई थीं, लेकिन विमानों की कमी के कारण वे बंद हो गईं. एयरपोर्ट को अब नाइट लैंडिंग (IFR) के लिए अपडेट कर दिया गया है, लेकिन किसी एयरलाइन ने अभी तक स्लॉट नहीं मांगा है. एयर इंडिया एक्सप्रेस ने मार्च 2026 से दिल्ली-कुशीनगर के बीच उड़ानें शुरू करने में रुचि दिखाई है. साथ ही कुछ नए रूट्स (आगरा, बरेली, गया) के लिए भी बातचीत जारी है. 

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