गाजीपुर के विनीत राय हत्याकांड मामले ने पूरे पूर्वांचल को थर्रा कर रख दिया है. इस घटना के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या यहां अभी भी ऑर्गेनाइज्ड क्राइम करने वाले गैंग संचालित हैं? बताया जा रहा है कि कटरा गैंग ने पुलिस को चुनौती देते हुए 29 साल के होटल कारोबारी विनीत राय को गोलियों से भून दिया. एक तरफ जहां लॉ एंड ऑर्डर की सिचुएशन और कारोबारियों की सुरक्षा को लेकर बवाल मच रहा था, इसी बीच इस हत्याकांड के एक आरोपी कमलेश बिंद (कमलेश चौधरी) के एनकाउंटर की बड़ी खबर सामने आई. इस एनकाउंटर के बाद विपक्ष से लेकर सत्ता पक्ष तक ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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पुलिस आंख के सामने से घसीटकर ले गई- मृतक की पत्नी का आरोप
कमलेश चौधरी के एनकाउंटर को लेकर समाजवादी पार्टी इसे पूरी तरह फर्जी बता रही है. वहीं, मृतक कमलेश की पत्नी मनीषा कुमारी ने सूजी आंखों के साथ बड़ा बयान देते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
पत्नी का बयान: मनीषा ने बताया कि उनकी शादी इसी साल 27 अप्रैल को हुई थी और अभी एक महीना ही हुआ है. वे एएनएम (ANM) की पढ़ाई कर रही हैं. मनीषा के अनुसार, जिस दिन घटना हुई उस दिन उनके पति सुबह 6 बजे घर से निकले थे. इसके बाद प्रशासन उन्हें (मनीषा और परिवार को) घर से उठाकर कोतवाली ले गया, जहां उन्हें 5 दिन तक रखा गया. रात के 2 बजे जब उन्हें घर छोड़ा गया, तब पता चला कि कमलेश की हत्या हो चुकी है. मनीषा का आरोप है कि पुलिस उनकी आंख के सामने से उनके पति को घसीटकर ले गई थी, उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें रामगढ़ से उठाकर जंगल में ले जाकर मार दिया गया. वे अपने पति को निर्दोष बताते हुए इंसाफ की मांग कर रही हैं.
अदालती रिकॉर्ड का हवाला: परिजनों का कहना है कि कमलेश के खिलाफ आज तक न्यायालय ने किसी भी मामले (चोरी या डकैती) में कभी कोई सजा नहीं दी है. उसके ऊपर 302, 307 और अपहरण का मुकदमा लिखा रखा है, लेकिन वह इतना बड़ा दुर्दांत अपराधी नहीं था कि उसका एनकाउंटर कर दिया जाए. साथ ही उसे इस केस का मुख्य आरोपी भी नहीं बनाया गया था.
संजय निषाद के प्रश्न: इस एनकाउंटर पर सत्ता पक्ष के सहयोगी संजय निषाद ने भी प्रश्न खड़े किए हैं. उन्होंने कहा, "जब पुलिस मुजरिम को पकड़ सकती थी, तो एनकाउंटर क्यों करा गया? यह अपने आप में पूरी कानून व्यवस्था पर प्रश्न उठाने का काम है. भारतीय जनता पार्टी वाले नहीं चाहते कि जो शासन, प्रशासन और नियम-कानून है, उससे काम चले. आप कितने लोगों का एनकाउंटर कर लेंगे? जब गलत होगा तो लोगों में गुस्सा तो जागृत होगा ही."
1 लाख का इनामी सरगना शंकर पांडे फरार, बीजेपी सांसद के साथ तस्वीर पर मचा हो-हल्ला
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कटरा गैंग के सरगना और मुख्य आरोपी 1 लाख के इनामी शंकर पांडे को कौन बचा रहा है? पुलिस अभी तक उस तक क्यों नहीं पहुंच पाई है?
सियासी संरक्षण के आरोप: आरोप लग रहे हैं कि शंकर पांडे को सियासी संरक्षण मिला हुआ है. सोशल मीडिया पर उसकी एक तस्वीर बीजेपी की राज्यसभा सदस्य संगीता बलवंत के साथ वायरल हो रही है, जिसमें वह उन्हें मिठाई खिलाता दिखाई दे रहा है.
सांसद की सफाई: इस तस्वीर पर हो-हल्ला मचने के बाद संगीता बलवंत ने सामने आकर सफाई दी है. उन्होंने दावा किया है कि वे शंकर पांडे को निजी तौर पर नहीं जानतीं. जब वे राज्यसभा सदस्य बनी थीं, तब बहुत से लोग उन्हें बधाई देने आए थे, जिनमें शंकर पांडे भी शामिल था. यह तस्वीर उसी दौरान की है.
40-50 सदस्यों के 'कटरा गैंग' के सरगना शंकर पांडे की पूरी क्राइम कुंडली
विनीत राय के परिजनों के मुताबिक, शंकर पांडे साल 2020 से ही गैंग बनाकर अपराध कर रहा है. वह रोजा और मिश्र बाजार में कपड़ा व्यवसाई का अपहरण और भतैया टांड़ पर कई वारदातें कर चुका है. लोग डर के मारे उसके खिलाफ एप्लिकेशन तक नहीं देते हैं. शंकर पांडे के इस 'कटरा गैंग' में करीब 40 से 50 सदस्य हैं जिन्होंने आतंक मचा रखा है.
2021 में हिस्ट्रीशीटर घोषित किए गए शंकर पांडे और उसके परिवार का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद चौंकाने वाला है:
गंभीर धाराएं और जिले: शंकर पांडे पर गाजीपुर, वाराणसी के कई थानों, अयोध्या और अन्य जिलों में गंभीर धाराओं में दर्जन भर केस दर्ज हैं. उस पर फिरौती, मारपीट, छिनैती, जान से मारने की धमकी और गैंगस्टर एक्ट (2021 में लागू) के मामले दर्ज हैं. वह कुछ केसेस में जेल भी जा चुका है, लेकिन फिलहाल जमानत पर बाहर आकर छुपा हुआ है.
हत्या के दो मुकदमे: शंकर पांडे पर हत्या के दो मुख्य मुकदमे हैं. पहला मामला 2021 का है, जब उसने एक छात्र को मजार पर बुलाकर उसकी हत्या कर दी थी. इस मामले में वह कोर्ट की पेशी पर हाजिर नहीं हुआ, जिसके बाद शासकीय अधिवक्ता के सवाल उठाने पर कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट (NBW) जारी किया है. कोर्ट ने पुलिस को 25 जून 2026 तक हर हाल में उसे गिरफ्तार करने का आदेश दिया है. दूसरा मामला वर्तमान विनीत राय हत्याकांड का है.
2024 का किडनैपिंग केस: 5 सितंबर 2024 को गाजीपुर के मिश्र बाजार के व्यापारी और सचिन गारमेंट्स के संचालक सचिन चौरसिया का शंकर पांडे ने अपने साथियों के साथ मिलकर काली स्कॉर्पियो में अपहरण कर लिया था और उनके साथ मारपीट की थी. इस मामले में भी उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी है.
पिता का रिकॉर्ड: केवल शंकर ही नहीं, बल्कि उसके पिता के ऊपर भी ड्रग्स (नशीले पदार्थों) की तस्करी करने के आरोप हैं और उनके खिलाफ भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं.
विनीत राय हत्याकांड में चार आरोपी
गाजीपुर के इस चर्चित विनीत राय हत्याकांड मामले में पुलिस ने एफआईआर (FIR) में कुल चार लोगों को नामजद आरोपी बनाया है, जिनमें शामिल हैं:
- कमलेश बिंद (जिसका एनकाउंटर हो चुका है)
- शंकर पांडे (गैंग सरगना, फिलहाल फरार)
- सोनू यादव
- आलोक दुबे
इतने गंभीर मुकदमों और अदालती वारंट के बावजूद पेशेवर बदमाश शंकर पांडे की अब तक गिरफ्तारी न हो पाना पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर लगातार सवालिया निशान खड़े कर रहा है.
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