ASP अनुज चौधरी के खिलाफ FIR का आदेश देने वाले जज विभांशु सुधीर के 12 साल में हुए हैं इतने तबादले

ASP Anuj Chaudhary News:'आज का यूपी' में देखें जज विभांशु सुधीर के तबादले की कहानी. अपर्णा और प्रतीक यादव के रिश्तों में आई दरार का विश्लेषण और अखिलेश यादव का सरकार पर तीखा हमला.

Photo: Vibhanshu Sudheer and ASP Anuj Chaudhary

कुमार अभिषेक

22 Jan 2026 (अपडेटेड: 22 Jan 2026, 10:11 AM)

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ASP Anuj Chaudhary FIR: यूपी Tak के खास शो 'आज का यूपी' हम उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों से जुड़ी तीन ऐसी खबरों का विश्लेषण करेंगे, जिन्होंने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी है. पहली खबर में जानिए संभल हिंसा मामले में पुलिसकर्मियों पर FIR का आदेश देने वाले जज विभांशु सुधीर का अचानक तबादला क्यों चर्चा का विषय बन गया है. क्या आदेश देना उन्हें भारी पड़ गया? दूसरी खबर प्रतीक और अपर्णा यादव के रिश्ते से जुड़ी हुई है. मुलायम सिंह यादव के परिवार की बहू अपर्णा यादव और उनके पति प्रतीक यादव के बीच सोशल मीडिया पर जारी तल्खी ने सनसनी फैला दी है. क्या यह रिश्ता 'पॉइंट ऑफ नो रिटर्न' पर है? तीसरी खबर में जानिए जज के तबादले पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार और व्यवस्था पर कौन-कौनसे तीखे सवाल खड़े किए हैं. 

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संभल के सीजेएम विभांशु सुधीर का तबादला, न्याय की कीमत या रूटीन प्रक्रिया?

संभल के चीफ जुडिशियल मैजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर इन दिनों प्रदेश की सबसे ज्यादा चर्चित शख्सियत बन गए हैं. चर्चा की वजह है उनका अचानक हुआ तबादला है. हाल ही में उन्होंने संभल हिंसा मामले में याचिका पर सुनवाई करते हुए तत्कालीन CO अनुज चौधरी सहित करीब दो दर्जन पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज करने के आदेश दिए थे. यह पहला मौका नहीं था जब उन्होंने पुलिस के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया हो. इससे पहले 24 दिसंबर को भी उन्होंने एक 3 साल पुरानी मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए 13 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आदेश दिया था. विभांशु सुधीर के इन फैसलों से प्रशासनिक मशीनरी में हड़कंप मच गया था. बीती रात करीब दर्जन भर जजों की तबादला सूची में उनका नाम भी शामिल था और उन्हें सुल्तानपुर भेज दिया गया. खास बात यह है कि उन्हें सीजेएम के पद से हटाकर एक पद नीचे (डिमोशन के तौर पर) भेजा गया है. 12 साल के करियर में यह उनका 15वां तबादला है. 

अपर्णा और प्रतीक यादव के बीच 'पॉइंट ऑफ नो रिटर्न', क्या कोई तीसरा है वजह?

सपा संथापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव और बहू अपर्णा यादव के बीच की खटास अब सार्वजनिक हो चुकी है.  प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग पोस्ट शेयर कर हड़कंप मचा दिया. पहले पोस्ट में उन्होंने तलाक (डिवोर्स) की बात कही, तो दूसरे पोस्ट में अपर्णा को 'स्वार्थी' बताते हुए उन पर परिवार को तोड़ने का आरोप लगाया.

हालांकि, कुछ समय पहले तक दोनों अखिलेश और डिंपल यादव के साथ पारिवारिक समारोहों में नजर आए थे, लेकिन अचानक आई इस दूरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अपर्णा के करीबी सूत्रों का कहना है कि इन दोनों के बीच कोई 'तीसरा' व्यक्ति आ गया है जो इस वक्त लंदन में प्रतीक के साथ मौजूद है और वही ये पोस्ट करवा रहा है. जहां अपर्णा एक सक्रिय राजनीतिज्ञ हैं, वहीं प्रतीक बिजनेस और अपनी निजी लाइफ तक सीमित रहते हैं. क्या यह रिश्तों का अंत है या समझौते की कोई गुंजाइश बाकी है, यह उनके लखनऊ लौटने पर ही साफ हो पाएगा.

अखिलेश यादव का एक्स पोस्ट, 'सत्य स्थानांतरित नहीं होता'

जज विभांशु सुधीर के तबादले के मुद्दे को विपक्ष ने हाथों-हाथ लिया है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना पर बिना नाम लिए सरकार को घेरा. उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "सत्य स्थानांतरित नहीं होता, उसका स्थान अचल है. न्यायपालिका की स्वतंत्रता का हनन सीधे-सीधे लोकतंत्र का हनन है."

अखिलेश यादव के इस बयान को सीधे तौर पर जज के तबादले से जोड़कर देखा जा रहा है. विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने पुलिस प्रशासन के दबाव में आकर यह कदम उठाया है. सपा प्रमुख ने स्वतंत्र न्यायपालिका को संविधान की रक्षा के लिए अनिवार्य बताया और इसे एक बड़ा सियासी मुद्दा बना दिया है. 

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