Sambhal Hinsa Update: संभल हिंसा मामले में अदालत के एक बड़े फैसले के बाद अब इस पूरे प्रकरण में नया मोड़ आ गया है. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा एएसपी अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित 15 से 20 अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए जाने के बाद पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया सामने आई है. इस मामले में याचिकाकर्ता यामीन की बेटी और घायल युवक आलम की बहन रजिया ने अपना पक्ष रखते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है.
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'पुलिसकर्मियों ने ही भाई को गोली मारी थी'
अदालत के आदेश के बाद रजिया का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. रजिया का कहना है कि उनके भाई आलम को पुलिसकर्मियों ने ही गोली मारी थी. आलम की बहन के मुताबिक उनका भाई घर चलाने के लिए मजदूरी करता है. घटना के दिन वह सुबह पापे बेचने के लिए निकला था उसे इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि बाहर हिंसा चल रही है. रजिया का सीधा आरोप है कि पुलिस वालों ने पीछे से उनके भाई को तीन गोलियां मारी थीं.
'हमने हार नहीं मानी क्योंकि हमें न्यायपालिका पर भरोसा था'
रजिया ने बताया कि वह और उनका परिवार पिछले एक साल से न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं. उन्होंने कहा, "हम लोग 10 भाई-बहन हैं, जिसमें आलम पांचवें नंबर का भाई है और उसकी उम्र मात्र 21 से 22 साल है. हमारे मुकदमे कई बार अलग-अलग जगहों से खारिज हुए, लेकिन हमने हार नहीं मानी क्योंकि हमें न्यायपालिका पर भरोसा था." याचिकाकर्ता के परिवार का कहना है कि उन्होंने कोर्ट में एएसपी अनुज चौधरी समेत कई पुलिसकर्मियों के नाम दिए हैं.
मालूम हो कि मंगलवार को चंदौसी स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा एफआईआर के आदेश दिए जाने के बाद पीड़ित परिवार में न्याय की उम्मीद जगी है. हालांकि, याचिकाकर्ता यामीन खुद कैमरे के सामने नहीं आए लेकिन उनकी बेटी रजिया ने स्पष्ट किया है कि उनकी लड़ाई पिछले एक साल से निरंतर जारी थी. अब परिवार की मांग है कि नामजद पुलिस अधिकारियों और अन्य पुलिसकर्मियों पर जल्द से जल्द सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.
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