UP News: पाकिस्तान के कराची शहर में बसे ल्यारी में हुई गैंगवार पर बनी बॉलीवुड फिल्म धुरंधर के पार्ट-2 का क्रेज इस समय जबरदस्त तरीके से बना हुआ है. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी है. इस फिल्म को लेकर सियासत भी गरम हो गई है और इसने कई चर्चाओं को भी गरम कर दिया है. फिल्म में दिखाया गया है कि देश की रक्षा के लिए कैसे भारतीय जासूस पाकिस्तान में देश के लिए काम करते हैं. फिल्म में ये भी दिखाया गया है कि कैसे पाकिस्तान की खुफियां एजेंसी भारत में बैठे गद्दारों का सहारा लेकर, भारत के खिलाफ साजिश रचती हैं.
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बता दें कि इस फिल्म में उत्तर प्रदेश के माफिया और नेता रहे अतीक अहमद से मिलता जुलता किरदार भी है. फिल्म में इसे अतीफ अहमद नाम दिया गया है. दिखाया गया है कि कैसे अतीफ अहमद पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई के लिए काम करता था और कैसे वह पाकिस्तान से नकली नोट नेपाल के रास्ते उत्तर प्रदेश पहुंचवाता था. फिल्म में अतीफ अहमद को पाकिस्तानी का सहयोगी और भारत के खिलाफ पाक का साथ देने वाले माफिया के तौर पर दिखाया गया है. यहां तक की फिल्म में अतीफ और उसके भाई अशरफ की हत्या भी दिखाई गई है. ये हत्या वैसे ही दिखाई गई, जिस तरह से प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या की गई थी.
बता दें कि इसके बाद से एक बार फिर अतीक अहमद की फरार पत्नी शाइस्ता परवीन और अतीक के खास गुर्गे गुड्डू मुस्लिम उर्फ गुड्डू बमबाज चर्चाओं में आ गए हैं. जहां अतीक की पत्नी शाइस्ता के खिलाफ 50 हजार का इनाम रखा हुआ है तो वहीं बमबाज गुड्डू 5 लाख का इनामी है. दोनों ही करीब 3 सालों से फरार चल रहे हैं. 2023 में हुई उमेश पाल शूटआउट के बाद से ही गुड्डू फरार है तो वहीं पति अतीक की हत्या के पहले से ही उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन फरार चल रही है.
कहां हैं ये दोनों?
गुड्डू बमबाज पर उमेश पाल की हत्या के बाद से ही 5 लाख का इनाम है. अतीक के बेटे का भी एनकाउंटर हुआ, उसके साथियों का भी एनकाउंटर हुआ. मगर गुड्डू का कुछ पता नहीं चला. कहा गया कि वह प्रयागराज से कोलकाता गया और वहां से विदेश भाग गया. कहा ये भी गया कि गुड्डू मुस्लिम प्रयागराज से बचते-बचाते कोलकाता पहुंचा और वहां ही किसी नेटवर्क की मदद से छिप कर बैठ गया. गुड्डू बमबाज यूपी पुलिस के अधिकारियों के लिए कोई नया चेहरा नहीं है. जानकार लोगों का कहना है कि गुड्डू मुस्लिम इसलिए गुड्डू बमबाज बना, क्योंकि वह चलते-फिरते ही बम बनाकर उसे मार देता था. इस वजह से अब अतीक का खास था और उसकी गिनती अतीक के खास गुर्गों में की जाती थी.
उमेश पाल शूटआउट में भी गुड्डू मुस्लिम चलते-चलते बमबाजी करता हुआ नजर आया. 3 साल बाद भी आज तक गुड्डू मुस्लिम का कोई सुराग नहीं है. उसका आखिरी सीसीटीवी कैमरा मेरठ से सामने आया, जहां वह अतीक की बहन-बहनोई के यहां गया था. उसके बाद से अतीक कहां गया? इसका कभी कोई सुराग नहीं मिला. फिलहाल गुड्डू मुस्लिम कहां है? इसका यूपी एसटीएफ और यूपी पुलिस की एजेंसियों के पास कोई जवाब नहीं है.
शाइस्ता का भी कुछ पता नहीं...
बता दें कि गुड्डू मुस्लिम जैसा हाल अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन का भी है. उमेश पाल की हत्या से पहले शूटर्स को फंड शाइस्ता ने ही दिया. उमेश पाल शूटआउट का शाइस्ता अहम हिस्सा है. उसे भी फरार हुए 3 साल हो गए हैं. मगर उसका भी कुछ नहीं पता चला. पुलिस को उम्मीद थी कि अतीक अहमद के अंतिम संस्कार में शाइस्ता आखिरी बार पति का चेहरा देखने आ सकती है. मगर वह नजर नहीं आई. शाइस्ता का भी अभी तक कोई सुराग यूपी एसटीएफ के पास नहीं है. दूसरी तरफ यूपी पुलिस का दावा है कि वह अभी भी इन दोनों फरार अपराधियों की तलाश कर रही है.
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