1992 के बाबरी विध्वंस में रामलला को गोद में लेकर भागने वाले राममंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास का निधन

मयंक शुक्ला

12 Feb 2025 (अपडेटेड: 12 Feb 2025, 10:27 AM)

UP News: अयोध्या से बड़ी खबर सामने आ रही है. श्री राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का निधन हो गया है. 85 वर्ष की उम्र में उन्होंने आखिरी सास ली है.

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UP News: अयोध्या से बड़ी खबर सामने आ रही है. श्री राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का निधन हो गया है. 85 वर्ष की उम्र में उन्होंने आखिरी सांस ली है. आचार्य सत्येंद्र दास के शिष्य प्रदीप दास ने उनके निधन की पुष्टि की है. बता दें कि वह पिछले कुछ दिनों से लखनऊ पीजीआई में एडमिट थे. मगर अब लंबी बीमारी के बाद उनका निधन लखनऊ पीजीआई में ही हो गया है. सत्येंद्र दास पिछले 32 सालों से राम जन्मभूमि में बतौर मुख्य पुजारी सेवा दे रहे थे.

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आचार्य सत्येंद्र दास का पार्थिव शरीर पीजीआई लखनऊ से अयोध्या लाया जा रहा है. मिली जानकारी के मुताबिक, कल अयोध्या के सरयू नदी में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. आपको ये भी बता दें कि ब्रेन हेमरेज के बाद आचार्य सत्येंद्र दास को लखनऊ पीजीआई में एडमिट करवाया गया था. उनके निधन से अयोध्या में शोक की लहर है.

अयोध्या लाया जा रहा पार्थिव शरीर

मिली जानकारी के मुताबिक, आज सुबह करीब 8 बजे सत्येंद्र दास का निधन हुआ है. उनके पार्थिव शरीर को उनके शिष्य अयोध्या लेकर निकल चुके हैं.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के निधन पर गहरी संवेदना प्रकट की है.

बाबरी विध्वंस के समय रामलला को गोद में लेकर भागे थे

6 दिसंबर साल 1992 को बाबरी विध्वंस के समय ही आचार्य सत्येंद्र दास रामलला को गोद में लेकर भागे थे. राम लला टेंट में रहे, तो भी वह गवाह रहे. भव्य मंदिर में विराजमान हुए, तो भी आचार्य सत्येंद्र दास इसके गवाह रहे. राम मंदिर का पूरा जन आंदोलन उनकी आंखों से गुजरा और वह उसमें शामिल रहे.

संत कबीरनगर में हुआ था जन्म

मिली जानकारी के मुताबिक, आचार्य सत्येंद्र दास  का जन्म संत कबीरनगर में हुआ था. उनका जन्म 20 मई साल 1945 में हुआ था. वे बचपन से ही भक्ति भाव में रहते थे. उनके पिता अक्सर अयोध्या जाया करते थे, वह भी अपने पिता के साथ अयोध्या आते थे. यहां से उन्होंने अपना जीवन राम भक्ति को समर्पित कर दिया.