Gorakhpur Sunauli Highway: भारत और नेपाल के बीच आवाजाही और व्यापारिक रिश्तों को नई मजबूती मिलने जा रही है. उत्तर प्रदेश को सीधे नेपाल से जोड़ने के लिए NHAI चार लेन वाले सुनौली-गोरखपुर हाईवे का निर्माण कर रही है. यह हाईवे गोरखपुर से सुनौली तक बनाया जा रहा है. इस कॉरिडोर का लगभग 89 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है.
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केंद्र सरकार इस परियोजना को लगभग 1,458 करोड़ रुपये की लागत से बना रही है. इस परियोजना के अंतर्गत एक रेल ओवर ब्रिज, 2 फ्लाईओवर, 24 अंडरपास, 105 पुलिया और लगभग 68 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड को भी बनाया जा रहा है. यह कॉरिडोर केवल एक रास्ता नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन, संस्कृति और दोनों देशों के बीच संबंधों को भी मजबूत करेगा.
गोरखपुर सुनौली हाईवे से होगा फायदा
यह 79.54 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर है, जो भारत और नेपाल को सीधे आपस में जोड़ेगा. इस कॉरिडोर के पूरी तरह से चालू होने के बाद गोरखपुर से नेपाल बॉर्डर (सुनौली) तक जाने में 3 घंटे लगने वाला समय बहुत कम हो जाएगा. पहले यह टू-लेन पेव्ड शोल्डर का स्ट्रेच था, जिसे अब फोर-लेन का स्ट्रेच बनाया जा रहा है. यह मार्ग गोरखपुर, बौद्ध सर्किट से जुड़े कुशीनगर, नेपाल के लुम्बिनी क्षेत्र और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों तक आना-जाना बहुत आसान हो जाएगा.
लगभग 89 प्रतिशत काम हुआ पूरा
सुनौली से गोरखपुर के (जंगल कौड़िया) तक बन रहे इस NH-24 को लगभग 1,458 करोड़ रुपये से बनाया जा रहा है. इस कॉरिडोर का लगभग 89 प्रतिशत का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. इस बड़े प्रोजेक्ट के तहत रास्ते में एक रेलवे ओवर ब्रिज, 2 फ्लाईओवर, 24 अंडरपास और 105 पुलिया बनाई जा रही हैं. इसके साथ ही लोगों की सुविधा के लिए लगभग 68 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड भी बनाई जा रही है.
भविष्य को ध्यान में रखकर निर्माण
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी ललित प्रताप पाल ने बताया कि पहले यह सड़क टू-लेन थी, जिसे अब फोर-लेन का हाईवे बनाया जा रहा है. भविष्य में इस राष्ट्रीय राजमार्ग को 6 लेन का भी बनाया जा सकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग पर बनने वाले सभी अंडरपास और फ्लाईओवर को सिक्स-लेन के बनाए जा रहे हैं. इसके अलावा ट्रकों के सुरक्षित खड़े होने के लिए भी खास जगह बनाई गई है.
यात्रियों की सुरक्षा का रखा ध्यान
इस रास्ते पर सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई आधुनिक इंतजाम किए गए हैं. सड़क पर सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी कॉल बॉक्स और पल-पल के ट्रैफिक की जानकारी देने वाले साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं. हादसों को रोकने के लिए सड़क किनारे क्रैश बैरियर और अच्छी लाइटों की व्यवस्था की गई है. पर्यावरण को हरा-भरा रखने के लिए इस रास्ते के किनारे 45,000 पौधे भी लगाए जाएंगे.
किसानों और स्थानीय लोगों को लाभ
सड़क के फोर-लेन होने से किसानों को अपनी फसल जल्द से जल्द बड़े बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी. यहां के स्थानीय निवासी प्रिंस सिंह ने बताया कि हाईवे बनने से जाम की समस्या खत्म हो गई है. सड़क के किनारे लोगों ने अपनी छोटी-मोटी दुकानें खोल ली हैं, जिससे उन्हें रोजगार मिल रहा है. इसके साथ ही, अब गोरखपुर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बड़े अस्पतालों तक पहुंचना भी आसान हो गया है.
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