350 एकड़ में तैयार हो रहा मेडिकल डिवाइस पार्क, यमुना एक्सप्रेसवे पर यहां लिखी जा रही तरक्की की नई इबारत

यूपी तक

• 07:05 PM • 04 Feb 2026

UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य अब केवल 'एक्सप्रेसवे प्रदेश' ही नहीं, बल्कि 'मैन्युफैक्चरिंग हब' के रूप में भी वैश्विक पटल पर उभर रहा है.

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य अब केवल 'एक्सप्रेसवे प्रदेश' ही नहीं, बल्कि 'मैन्युफैक्चरिंग हब' के रूप में भी वैश्विक पटल पर उभर रहा है. इसी कड़ी में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-28 में विकसित हो रहा मेडिकल डिवाइस पार्क अपनी सफलता की नई कहानी लिख रहा है. 350 एकड़ में फैला यह पार्क अब केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर तेजी से मूर्त रूप ले रहा है.

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101 इकाइयों को भूमि आवंटन, निवेश की रफ्तार हुई तेज

योगी सरकार के विजन का असर अब जमीन पर दिखने लगा है. ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस पार्क के लिए आरक्षित 188.15 एकड़ औद्योगिक भूमि में कुल 203 प्लॉट्स विकसित किए गए थे. निवेशकों के जबरदस्त उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इनमें से 101 प्लॉट्स का आवंटन पहले ही किया जा चुका है. आवंटित इकाइयों में से 49 ने साइट का पजेशन ले लिया है और 12 इकाइयों में निर्माण कार्य भी युद्ध स्तर पर शुरू हो चुका है. जल्द ही यहां मेडिकल उपकरणों का उत्पादन शुरू होने की संभावना है, जो 'मेक इन इंडिया' अभियान को एक नई मजबूती देगा.

यीडा का 'समग्र मॉडल': सिर्फ फैक्ट्री नहीं, पूरा इकोसिस्टम

यीडा ने इस पार्क को केवल फैक्ट्रियों के समूह के रूप में नहीं, बल्कि एक आधुनिक 'इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम' के तौर पर डिजाइन किया है. इसकी प्लानिंग में हर छोटी सुविधा का ध्यान रखा गया है. 

लॉजिस्टिक्स: 9.02 एकड़ में वेयरहाउस प्लॉट.
पर्यावरण: 18.66 एकड़ में फैला ग्रीन एरिया.
कॉमन फैसिलिटी: 46.43 एकड़ का कॉमन फैसिलिटी एरिया.
इंफ्रास्ट्रक्चर: 79.10 एकड़ में चौड़ी सड़कें और पार्किंग व्यवस्था.
कमर्शियल स्पेस: 4.84 एकड़ का कमर्शियल सेक्टर.
निवेश का सुनहरा मौका: 22 नए प्लॉट्स के लिए आवेदन शुरू

जो निवेशक इस क्रांतिकारी परियोजना का हिस्सा बनना चाहते हैं, उनके लिए यीडा ने एक बार फिर अवसरों के द्वार खोल दिए हैं. 10.32 एकड़ भूमि पर 22 नए प्लॉट्स के आवंटन की योजना 12 जनवरी 2026 से शुरू की गई है.

प्लॉट के साइज: 1000 वर्गमीटर (11 प्लॉट), 2100 वर्गमीटर (9 प्लॉट) और 5940 वर्गमीटर (2 प्लॉट).
आवेदन की अंतिम तिथि: 11 फरवरी 2026.

क्यों खास है यह मेडिकल डिवाइस पार्क?

यहां सिंगल विंडो सपोर्ट सिस्टम मिल रहा है. सीएम योगी के निर्देश पर निवेशकों को किसी भी मंजूरी के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास और यमुना एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी इसे लॉजिस्टिक्स के लिहाज से बेहद खास बनाती है. यह पार्क विदेशों से आयात होने वाले महंगे मेडिकल उपकरणों पर भारत की निर्भरता को कम करेगा.

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी के साथ योगी सरकार की पारदर्शी नीतियों ने उत्तर प्रदेश को निवेशकों का पसंदीदा राज्य बना दिया है. यह मेडिकल डिवाइस पार्क आने वाले समय में न केवल हजारों नौकरियां पैदा करेगा, बल्कि यूपी को मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग का इंटरनेशनल पावरहाउस भी बनाएगा.