27 लाख बेटियों को मिला मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला स्कीम का फायदा, डिटेल जानिए और इसे पाने का तरीका भी

उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत अब तक करीब 27 लाख बेटियों को लाभ मिल चुका है. योजना की सहायता राशि बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है, जो जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक 6 चरणों में दी जाती है. इस योजना का उद्देश्य बेटियों को आर्थिक संबल देकर शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है.

यूपी तक

• 06:49 PM • 03 Jan 2026

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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार बेटियों के भविष्य को संवारने और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में नए रिकॉर्ड बना रही है. इसी क्रम में प्रदेश की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (MKSY) ने राज्य की करीब 27 लाख बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है. सरकार का स्पष्ट संदेश है कि बेटियां अब बोझ नहीं, बल्कि समाज की असली ताकत हैं.

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जमीनी स्तर पर दिख रहा बदलाव

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से अब तक लगभग 27 लाख पात्र बालिकाओं को लाभान्वित किया जा चुका है. इस बड़े लक्ष्य को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने अब तक कुल 647.21 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की है. वित्तीय वर्ष 2024-25 की बात करें तो अकेले इस साल अब तक 3.28 लाख लाभार्थियों को 130.03 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं.

सहायता राशि में हुई बंपर बढ़ोतरी

बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए सरकार ने इस साल सहायता राशि में बड़ी बढ़ोतरी की है. पहले इस योजना के तहत कुल 15000 रुपये दिए जाते थे, जिसे अब बढ़ाकर 25000 रुपये कर दिया गया है. यह राशि बेटियों को उनके जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक 6 अलग-अलग चरणों में प्रदान की जाती है.

6 चरणों में ऐसे मिलती है मदद:

जन्म के समय: 5000 रुपये
पूर्ण टीकाकरण होने पर (2 वर्ष की आयु): 2000 रुपये
कक्षा 1 में प्रवेश पर: 3000 रुपये
कक्षा 6 में प्रवेश पर: 3000 रुपये
कक्षा 9 में प्रवेश पर: 5000 रुपये
डिग्री/डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश पर (10वीं-12वीं के बाद): 7000 रुपये

किसे और कैसे मिलेगा इस स्कीम का फायदा?

इसका लाभार्थी परिवार उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए. परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही इस योजना का लाभ मिल सकता है. (जुड़वां बच्चों के मामले में नियम में छूट दी गई है). आवेदक के पास राशन कार्ड या आधार कार्ड जैसा वैध निवास प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है.

आवेदन कैसे करें?

आधिकारिक वेबसाइट: सबसे पहले mksy.up.gov.in पर जाएं.

रजिस्ट्रेशन: 'Citizen's Service Portal' पर जाकर अपना पंजीकरण करें और लॉगिन आईडी बनाएं.

फॉर्म भरें: मांगी गई जानकारी और बेटी के विवरण के साथ ऑनलाइन आवेदन पत्र भरें.

दस्तावेज अपलोड: जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी अपलोड करें.

सत्यापन: आवेदन जमा करने के बाद संबंधित विभाग द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा और राशि सीधे बैंक खाते (DBT) में भेजी जाएगी.

साल 2019 में शुरू हुई इस योजना का मूल उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, लैंगिक समानता स्थापित करना और बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर लगाम लगाना है. उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल न केवल बेटियों को आर्थिक संबल दे रही है, बल्कि समाज में उनके प्रति सकारात्मक सोच भी विकसित कर रही है. आज प्रदेश की लाखों बेटियां इस योजना के दम पर अपने सपनों की उड़ान भर रही हैं.

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