अमेठी: स्मृति ईरानी को फोन पर नहीं पहचान पाए लेखपाल, अब बुरे फंसे, जानें पूरा मामला

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी.
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी.फोटो: मनीष अग्निहोत्री/ इंडिया टुडे

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी बीते शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी के दौरे पर थीं. उसी दौरान एक समस्या के समाधान के लिए उन्होंने लेखपाल से बातचीत की, लेकिन लेखपाल उन्हें पहचान नहीं सके. दरअसल, स्मृति ईरानी ने लेखपाल को समस्या के समाधान के लिए फोन किया था, लेकिन उन्होंने केंद्रीय मंत्री को फोन पर नहीं पहचाना. फोन पर लेखपाल से बात करते स्मृति ईरानी का ये वीडियो सोशल मीडिया पर अब वायरल हो गया है. बता दें कि इस मामले में लेखपाल के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

यहां जानें पूरा मामला

दरअसल, बीते शनिवार को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी के दौरे पर थीं. इस बीच गौतमपुर पूरे पहलवान गांव के रहने वाले करुणेश सिंह नाम के शख्स अपनी अर्जी लेकर पहुंच गए. उन्होंने कहा कि 'पिता जी परिषदीय स्कूल में शिक्षक थे. उनकी मृत्यु हो गई है. मां सावित्री देवी को पेंशन मिलनी है, लेकिन लेखपाल की तरफ से सत्यापन नहीं हो पा रहा है.'

अहम बिंदु

करुणेश सिंह की शिकायत सुनने के बाद स्मृति ईरानी ने लेखपाल से फोन पर बात करने की बात कही. इसके बाद सीडीओ ने नंबर डायल किया और उन्हें फोन दे दिया, लेकिन लेखपाल दीपक कुमार केंद्रीय मंत्री को पहचान नहीं सके. इसके बाद उन्होंने सीडीओ को फोन दिया तो लेखपाल सीडीओ को भी नहीं पहचान सके. इसपर सीडीओ ने लेखपाल को विकास भवन आकर मिलने को कहा. लेखपाल मुसाफिरखाना तहसील अंतर्गत गौतमपुर ग्राम सभा में पदस्थापित हैं.

फिलहाल, इस मामले में मुसाफिरखाना लेखपाल दीपक पर ढिलाई बरतने और अपने कर्तव्यों का निर्वहन ना करने का आरोप लगा है. वहीं, अनुमंडल दंडाधिकारी मुसाफिरखाना को मामले की जांच करने को कहा गया है.

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी.
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