असदुद्दीन ओवैसी की वजह से ये सीट जीतते-जीतते हार गई थी सपा, 2027 के चुनाव में क्या होगा?
UP Kiska: शाहगंज विधानसभा 2027 में सपा, भाजपा-निषाद गठबंधन और AIMIM के बीच दिलचस्प मुकाबले के संकेत हैं. जानिए 2022 के उलटफेर की वजह, जातीय समीकरण, स्थानीय नेताओं के दावे, राजनीतिक विश्लेषण और किसके पक्ष में बनता दिख रहा है चुनावी माहौल.
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Asaduddin Owaisi and Akhilesh Yadav
Shahganj Vidhan Sabha 2027: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की शाहगंज विधानसभा सीट का सियासी मिजाज बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला रहा है. साल 2022 के विधानसभा चुनाव में यहां एक ऐसी कहानी लिखी गई जिसने सबको हैरान कर दिया. लगातार 20 साल से विधायक रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के कद्दावर नेता को असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIIMIM के एक दांव के कारण बेहद मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा. अब साल 2027 के चुनावी समर को लेकर ओवैसी की पार्टी एक बार फिर दम भर रही है. ऐसे में सवाल बड़ा है कि क्या 2027 में शाहगंज का इतिहास खुद को दोहराएगा या सपा अपनी इस पारंपरिक सीट पर वापसी करेगी? आइए समझते हैं इस सीट का पूरा सियासी और जातीय गुणा-गणित.
