मुलायम और अखिलेश की हुई मुलाकात, क्या 'बागी तेवर' वाले शिवपाल अब मान जाएंगे?

मुलायम और अखिलेश की हुई मुलाकात, क्या 'बागी तेवर' वाले शिवपाल अब मान जाएंगे?
अखिलेश यादव, शिवपाल यादव और मुलायम सिंह यादव.फाइल फोटो: समाजवादी पार्टी के ट्विटर हैंडल से

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार, 15 अप्रैल को समाजवादी पार्टी (SP) के संरक्षक मुलायम सिंह यादव और पार्टी चीफ अखिलेश यादव के बीच एक अहम बैठक हुई. रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों के बीच यह बैठक करीब एक घंटे तक चली.

माना जा रहा है कि अखिलेश और मुलायम के बीच पार्टी में चल रही हलचल और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के चीफ शिवपाल सिंह यादव के 'बागी तेवर' को लेकर चर्चा हुई. सियासी गलियारों में इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि अखिलेश और मुलायम की बैठक के बाद शिवपाल की नाराजगी खत्म हो सकती है. हालांकि, अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों नेताओं के बीच किन-किन विषयों पर बातचीत हुई है.

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से शिवपाल सिंह यादव अपने भतीजे अखिलेश यादव से नाराज बताए जा रहे हैं. वह पहले भी पार्टी में अपनी जगह को लेकर नाराजगी जाहिर चुके हैं. ऐसे में उनके बीजेपी में जाने की भी अकटलें खूब चल रही हैं.

इस बीच, गुरुवार को अंबेडकर जयंती के मौके पर समान नागरिक संहिता लागू करने की मांग कर शिवपाल सिंह यादव सत्ताधारी बीजेपी के सुर में सुर मिलाते नजर आए.

अहम बिंदु

शिवपाल ने समान नागरिक संहिता देशभर में लागू करने का तर्क देते हुए कहा था, "बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर और राम मनोहर लोहिया दोनों ने समाजवाद की खुली पैरवी की थी और संविधान सभा में समान नागरिक संहिता की वकालत भी की थी. राम मनोहर लोहिया ने तो 1967 के चुनाव में इसे मुद्दा भी बनाया था."

माना जा रहा है कि शिवपाल के इस बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में उनके बीजेपी में जाने की चर्चाएं और तेज हो गई हैं.

आजम खान के खेमे में भी नाराजगी?

एसपी के वरिष्ठ नेता आजम खान के खेमे में भी अखिलेश यादव से नाराजगी की बातें सामने आई हैं. हाल ही में आजम खान के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खान शानू ने अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा था,

"जेल में बंद आजम खान के बाहर न आने की वजह से हम लोग सियासी रूप से यतीम हो गए हैं. हम कहां जाएंगे, किससे कहेंगे और किसको अपना गम बताएं. हमारे साथ तो वो समाजवादी पार्टी भी नहीं है, जिसके लिए हमने अपने खून का एक-एक कतरा बहा दिया. हमारे नेता मोहम्मद आजम खान ने अपनी जिंदगी सपा को दे दी, लेकिन एसपी ने उनके लिए कुछ नहीं किया. हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष को हमारे कपड़ों से बदबू आती है."

फसाहत अली खान

उन्होंने ये भी कहा था, "क्या यह मान लिया जाए कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सही कहते हैं कि अखिलेश यादव नहीं चाहते कि आजम खान जेल से बाहर आएं?"

गौरतलब है कि पिछले दिनों आजम खान के समर्थन में सुल्तानपुर की विधानसभा सीट से एसपी सचिव सलमान जावेद राइन ने अखिलेश यादव पर मुसलमानों के लिए न बोलने का आरोप लगाते हुए अपना इस्तीफा दिया था.

अखिलेश यादव, शिवपाल यादव और मुलायम सिंह यादव.
शिवपाल ने कर दिया जंग का आगाज? समान नागरिक संहिता वाला राग क्या इशारा कर रहा

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