Opinion: छात्रों का हित या सियासी दांव? अखिलेश यादव से बंद कमरे में मुलाकात के बाद CJP पर उठे गंभीर सवाल
Opinion: अखिलेश यादव से सीक्रेट मीटिंग और अंदरूनी बगावत के बाद CJP की मंशा पर उठे गंभीर सवाल. जानिए कैसे छात्रों के हक की लड़ाई का दावा करने वाला आंदोलन अब राजनीतिक दांव-पेच और अंदरूनी कलह में उलझ गया है.
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akhilesh yadav and ashutosh ranka meets
Opinion: छात्रों और युवाओं के मुद्दों से शुरू हुआ कोई आंदोलन जब राजनीति की चौखट तक पहुंचता है तो सवाल सिर्फ उसकी मुलाकातों का नहीं, उसकी मंशा और दिशा का भी उठता है. CJP को लेकर अब यही सवाल गहराता जा रहा है. एक तरफ संगठन खुद को छात्रों और युवाओं की आवाज बताता है, ईमानदार परीक्षा व्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष का दावा करता है. दूसरी तरफ राजनीतिक नेताओं से उसकी नजदीकियां और अब संगठन के भीतर से ही उठी बगावत एक अलग तस्वीर पेश कर रही है.

