Opinion: ‘कुत्ते के गले में घंटी’ से ‘चवन्नी’ तक... अखिलेश की सियासत में कार्यकर्ता और सहयोगियों की जगह आखिर कितनी
Opinion: राजनीतिक दलों की पहचान सिर्फ उनके नारों और बड़े नेताओं से नहीं होती. असली पहचान इस बात से बनती है कि पार्टी में कार्यकर्ता की कितनी अहमियत है, स्थानीय नेताओं की कितनी सुनी जाती है और फैसले किस प्रक्रिया से होते हैं.
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SP Politics (Photo AI Generated)
Opinion: राजनीतिक दलों की पहचान सिर्फ उनके नारों और बड़े नेताओं से नहीं होती. असली पहचान इस बात से बनती है कि पार्टी में कार्यकर्ता की कितनी अहमियत है, स्थानीय नेताओं की कितनी सुनी जाती है और फैसले किस प्रक्रिया से होते हैं. समाजवादी पार्टी के एमएलसी लाल बिहारी यादव का हालिया बयान इसी सवाल को फिर केंद्र में ले आया है.

