Opinion: मल्लाह समाज की बड़ी प्रतीक हैं फूलनदेवी, क्या समाजवादी पार्टी को महंगा पड़ेगा संजय निषाद का ये आरोप?
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सपा के PDA फॉर्मूले पर निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने फूलन देवी और 2015 के कसरवल कांड का जिक्र करते हुए सपा पर निषाद समाज की आवाज दबाने के आरोप लगाया है.
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Photo: Sanjay Nishad and Akhilesh Yadav
Opinion: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही महीनों का वक्त बचा है. सूबे की मुख्य विपक्षी पार्टी पीडीए के जरिए अपना दावा ठोक रही है. लेकिन इससे पहले उसके इस पीडीए फॉर्मूले पर ही सबसे ज्यादा चोट हो रही है. खास बात यह है कि सपा के पीडीए पर सवाल उठाने वालों में बीजेपी से ज्यादा वे छोटे दल हैं, जो जातियों और प्रतीकों के आधार पर खड़े हैं और पीडीए के ही जातिगत समीकरणों का प्रतिनिधित्व करते हैं.

