Opinion: पहले कृष्ण जन्मभूमि पर मांगा समर्थन, अब वक्फ भ्रष्टाचार पर सवाल, CM योगी के सवालों का सपा के पास जवाब नहीं!
Ram Mandir Controversy: राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बीजेपी को घेरने निकली समाजवादी पार्टी क्या खुद अपने ही बुने जाल में फंस गई है? पढ़िए दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. अभय पाण्डेय का यह विशेष ओपिनियन कि कैसे सीएम योगी आदित्यनाथ ने वक्फ, कृष्ण जन्मभूमि और कारसेवकों पर गोलीकांड जैसे मुद्दों से पलटवार कर अखिलेश यादव के पूरे नैरेटिव को 'रामभक्त बनाम रामविरोधी' की बहस में बदल दिया.
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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान राम देश की आत्मा हैं. (Photo: PTI)
Opinion: उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनाव से पहले एक बार फिर राम मंदिर सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है. फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार बहस मंदिर निर्माण को लेकर नहीं, बल्कि राम जन्मभूमि परिसर में कथित गड़बड़ियों और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर शुरू हुई. समाजवादी पार्टी लगातार इस मुद्दे को उठाकर बीजेपी को घेरने की कोशिश कर रही है. अखिलेश यादव का आरोप है कि जिस राम मंदिर के नाम पर बीजेपी ने राजनीति की, उसी मंदिर में अब भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के सवाल उठ रहे हैं.
