Opinion: छात्रों की आड़ में अराजकता फैलाने की साजिश, क्या राजनीतिक दलों ने हाइजैक कर लिया आंदोलन?
NEET पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे को राजनीतिक दलों द्वारा अपने हितों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. इस लेख में लेखक ने परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और छात्रों के हित को राजनीति से ऊपर रखने की जरूरत पर जोर दिया है.
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Opinion: पिछले कुछ दिनों में नीट परीक्षा को लेकर देश और प्रदेश में जो कुछ देखने को मिला, वह कई तरह के सवाल खड़े करता है. पहला तो यही कि क्या छात्रों की पढ़ाई-लिखाई या परीक्षा से जुड़ा मुद्दा राजनीतिक स्वार्थ और सत्ता संघर्ष का माध्यम बन गया है और इसी से जुड़ा सवाल यह भी है कि आखिर राजनीतिक दल क्यों इस आंदोलन को अराजकता की दिशा में ले जाना चाहते हैं? क्या यह वाकई अब छात्रों की लड़ाई रह गई है या फिर इसके बहाने मुद्दाविहीन विपक्ष द्वारा राजनीतिक जमीन तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है? यह सवाल उद्वेलित करने वाले हैं. कोई संशय नहीं कि नीट पेपर का लीक होना एक आपराधिक घटना है, चिंता का विषय है लेकिन जब कोई संवेदनशील मुद्दा राजनीतिक मंच में बदल जाता है तो कहानी नया रंग ले लेती है.
