ASI को ज्ञानवापी में मिले मंदिर के सबूत, क्या यहां 1991 का उपासना स्थल कानून लागू रहेगा?
इधर रामलला अपने गर्भगृह में विराजमान हुए तो वहीं दूसरी तरफ 30 साल पुराना एक नारा फिजाओं में फिरसे तैरने लगा है. ये नारा है- 'अयोध्या तो बस झांकी है, काशी-मथुरा बाकी है'.
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Gyanvapi Update: अयोध्या के राम मंदिर में रामलला लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अब विराजमान हो गए हैं. इधर रामलला अपने गर्भगृह में विराजमान हुए तो वहीं दूसरी तरफ 30 साल पुराना एक नारा फिजाओं में फिरसे तैरने लगा है. ये नारा है- 'अयोध्या तो बस झांकी है, काशी-मथुरा बाकी है'. इस नारे का असर पिछले कुछ सालों में एक बार फिर काशी और मथुरा में दिख रहा है. बता दें कि दोनों ही जगह विवादित स्थल पर हिंदू-मुस्लिम पक्ष के अपनी-अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं. इन सब के बीच 25 जनवरी को ASI सर्वे की रिपोर्ट सामने आई. हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने दावा किया कि ASI रिपोर्ट इस बात की तस्दीक कर रही है कि ज्ञानवापी मस्जिद वहां पहले से मौजूद एक पुराने मंदिर के अवशेषों पर बनाई गई थी. ये भी दावा किया गया कि हिंदू मंदिर के खंभों इत्यादि का इस्तेमाल यहां आज मौजूद संरचना को खड़ा करने के लिए किया गया है.