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बांदा: पिता नहीं जुटा पाया इलाज के पैसे तो बेटे ने मौत को लगाया गले, दर्द भरी है ये कहानी

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यूपी के बांदा में पैसो के अभाव और गरीबी के चलते व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली. पिता के मुताबिक बेटा मई माह में दिल्ली में काम करने के दौरान गिर गया था, जिससे उसके दोनों पैर टूट गए थे. परिवार ने इलाज कराया लेकिन ठीक नहीं हुआ. हादसे के युवक दिल्ली से वापस बांदा आ गया. यहां पिता से इलाज के लिए पैसा मांगा लेकिन गरीबी के चलते पिता दे नहीं सका. जिससे मानसिक तनाव में आकर युवक ने गुरुवार को खुदकुशी कर ली. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है.

इस मामले पर थाना प्रभारी ने बताया कि परिवारिक कारणों से आत्महत्या की है और मामले में जांच की जा रही है. ये मामला देहात कोतवाली के जौरही गांव का है.

जौरही गांव में रहने वाले बुजुर्ग बद्री प्रसाद ने बताया कि उनका 40 वर्षीय बेटा बृजकिशोर दिल्ली में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहकर मजदूरी करता था. मई 2022 में वह तीन मंजिला मकान से गिर गया था, जिससे उसके दोनों पैर टूट गए. वहां उसकी पत्नी इलाज करा रही थी, दोनो पैरों में रॉड पड़े थे. इलाज चल ही रहा था कि बेटा वापस घर आ गया. इधर जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था लेकिन पैरों का ऑपरेशन गुरुग्राम में होना था तो पिता से 20 हजार रुपये मांगे. लेकिन पिता गरीबी के चलते नहीं दे सका. जिससे मानसिक अवसाद में बेटे ने गुरुवार को खुदकुशी कर ली.

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पिता ने यह भी बताया कि उनका बेटा दिल्ली में रहकर लकड़ी के काम और पेंटिंग का काम करता था. पिता ने बताया कि मैंने सभी रिश्तेदारों से लेकर जो बन सका इलाज कराया, अब मैं इस उम्र में कौन सा काम करके पैसा लाऊं. बेटा इलाज के लिए पैसा मांग रहा था और न मिलने से उसने आत्महत्या कर लिया.

पिता ने बताया कि मृतक उनका इकलौता बेटा था, एक बेटी है जिसकी भी शादी हो चुकी है. वहीं पिता ने अपने रिश्तेदारों के अलावा किसी और से मदद नही मांगी, क्योंकि वो खुद बुजुर्ग हैं और बिल्कुल भी पढ़े लिखे नहीं है. वहीं इस मामले में देहात कोतवाली के थाना प्रभारी मिथलेश कुमार ने बताया कि एक युवक जिसके दोनों पैर टूटे थे. उन्होंने घरेलू कारणों के कारण आत्महत्या कर लिया है. पैसे के अभाव में इलाज न करवाने की बात के सवाल पर कहा कि ऐसी कोई बात अभी तक जांच में सामने नही आई है. समस्या कोई भी रही होगी, चाहे पारिवारिक हो या आर्थिक ये जांच का विषय है. बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. आगे की जांच शुरू की जाएगी.

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