UP MLC चुनाव: मतदाता पर्ची पर छपा मिला ‘राम ने मारा यादव को, असली नाम था रामहित यादव, कैसे हुई ये गलती?
प्रयागराज में MLC चुनाव की मतदाता पर्ची में ऐसी गड़बड़ी हुई कि रामहित यादव का नाम पढ़कर हर कोई हैरान रह गया. नाम की जगह छपा एक अजीब वाक्य चर्चा में है. आखिर यह गलती कैसे हुई? प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं.
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प्रयागराज में इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक एमएलसी चुनाव 2026 के दौरान मतदाता सूची में लापरवाही और तकनीकी गड़बड़ी का अजीबोगरीब मामला सामने आया है. रतौरा गांव के रहने वाले एक मतदाता की पर्ची पर उनके वास्तविक नाम 'रामहित यादव' की जगह ‘राम ने मारा यादव को’ लिखा हुआ छप गया है. पर्ची सामने आने के बाद से यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
क्या है पूरा मामला?
मतदाता पर्ची में रामहित यादव के पिता का नाम फूलचन्द्र यादव और जन्मतिथि 02 जुलाई 1979 बिल्कुल सही दर्ज है. इसके अलावा मतदेय स्थल कार्यालय क्षेत्र पंचायत बहादुरपुर लिखा हुआ है. पिता का नाम और जन्मतिथि सही होने के बावजूद मुख्य नाम के स्थान पर एक अजीब वाक्य छप जाने से मतदाता और उनका परिवार बेहद हैरान और परेशान है.
रामहित यादव का क्या कहना है?
पीड़ित रामहित यादव का कहना है कि मतदाता पर्ची में हुई इस बड़ी गलती के कारण लोग उनका मजाक उड़ा रहे हैं. उनका यह भी कहना है कि अधिकारियों की इस घोर लापरवाही का खामियाजा उन्हें सामाजिक रूप से अपमान सहकर भुगतना पड़ रहा है और उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
प्रशासनिक जांच और चुनावी शुचिता पर सवाल
आयोग ने कुल 14,81,310 प्रविष्टियों में से 158 में ऐसी गड़बड़ियां मिलने की बात कही है. उधर पीलीभीत में मतदाता सूची की 10,470 प्रविष्टियों में गड़बड़ी के मामले में दो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और एक कंप्यूटर ऑपरेटर की बर्खास्तगी की गई है.
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मतदाता सूची में नामों की गलतियों के पीछे की वजह बताई है. कार्यालय के मुताबिक, प्रदेश में विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए पहली बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू की गई थी.
नई प्रक्रिया के दौरान कुछ तकनीकी और मानवीय गलतियां सामने आईं. आयोग के मुताबिक, अंग्रेजी में टाइप किए गए नामों को हिंदी में अनुवाद करते समय सॉफ्टवेयर ने गलती कर दी. इसी का उदाहरण देते हुए आयोग ने बताया कि यदि ‘Ramhit Yadav’ को अंग्रेजी में सही नाम के रूप में दर्ज करने के बजाय ‘Ram hit Yadav’ टाइप कर दिया गया, तो सॉफ्टवेयर ने इसका अर्थ ‘राम ने यादव को मारा’ कर दिया. यानी नाम को उसकी वास्तविक ध्वनि के आधार पर हिंदी में लिखने के बजाय शब्दों के अर्थ के आधार पर बदल दिया गया.
फिलहाल इस घटना ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची की शुद्धता, डेटा सत्यापन और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
