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1991 में की PHD, 3 दशक के इंतजार के बाद भी नहीं हुई अवॉर्ड, मौत के बाद आया ये फैसला

एक शख्स ताउम्र अपनी पीएचडी की उपाधि के लिए तरसता रहा. उसने केस भी दर्ज कराया. केस में फैसला भी आ गया. लेकिन अफसोस इस…

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एक शख्स ताउम्र अपनी पीएचडी की उपाधि के लिए तरसता रहा. उसने केस भी दर्ज कराया. केस में फैसला भी आ गया. लेकिन अफसोस इस फैसले को जानने के लिए वो शख्स अब इस दुनिया में नहीं है. यह मामला साल 1991 से जुड़ा है. बताया जा रहा है कि साल 1991 में आनंद शर्मा नामक शख्स ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से पीएचडी की थी, लेकिन साल 2021 तक विश्वविद्यालय प्रशासन आनंद शर्मा को उपाधि नहीं दे पाया.