कौशांबी में बेटी प्रेमी संग घर छोड़कर भागी तो सदमे में मां की हुई मौत, पिता ने इकलौती लड़की का कर दिया पिंडदान
कौशाम्बी में एक पिता ने अपनी जिंदा इकलौती बेटी का पिंडदान और तेरहवीं कर डाली. प्रेमी संग फरार हुई बेटी के कदम से मां की मौत का दावा है. आखिर ऐसा क्या हुआ कि पिता ने बेटी को संपत्ति से भी बेदखल कर दिया?
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उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले से एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. यहां एक पिता ने अपनी जीवित इकलौती बेटी को समाज और परिवार के लिए मृत मानकर उसका बाकायदा पिंडदान और तेरहवीं संस्कार तक कर डाला. वजह बेहद दर्दनाक है. बेटी के प्रेमी संग फरार होने के बाद लगे गहरे सदमे में मां की मौत हो गई थी. पत्नी को खोने और बेटी के इस धोखे से अंदर तक टूटे पिता ने न सिर्फ अपनी जीवित बेटी का श्राद्ध किया बल्कि उसे अपनी चल-अचल संपत्ति से भी पूरी तरह बेदखल कर दिया है.
कॉलेज जाने के बहाने प्रेमी संग निकली थी युवती
मामला कौशाम्बी के संदीपन घाट थाना क्षेत्र स्थित मूरतगंज-पल्हाना रोड का है. यहां के रहने वाले राजू गुप्ता की 19 साल की बेटी 15 अक्टूबर को कॉलेज के लिए घर से निकली थी, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी. परिजनों द्वारा खोजबीन करने पर पता चला कि वह धन्नी गांव के रहने वाले अपने प्रेमी अमरदीप रैदास के साथ चली गई है.
बेटी के कदम से लगा गहरा सदमा, मां की हुई मौत
पिता राजू गुप्ता का आरोप है कि इकलौती बेटी के इस कदम से उनकी 40 साल की पत्नी पार्वती देवी को गहरा सदमा लगा, जिससे उनकी मृत्यु हो गई. जिस बेटी की शादी की तैयारियां घर में चल रही थीं, उसके घर छोड़ने और उसके तुरंत बाद पत्नी को खो देने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.
मां के अंतिम संस्कार में जाने से बेटी का इनकार
सूचना मिलने पर संदीपन घाट थाना पुलिस ने जांच शुरू की और करीब 6 घंटे के भीतर युवती और उसके प्रेमी को हिरासत में ले लिया. पुलिस द्वारा मां की मौत की जानकारी दिए जाने के बावजूद युवती ने अंतिम संस्कार में शामिल होने से इनकार कर दिया. चूंकि युवती बालिग है, इसलिए अदालत में बयान दर्ज कराने के बाद पुलिस ने उसे उसकी इच्छानुसार प्रेमी के साथ जाने दिया.
25 नवंबर को तय थी शादी, पहले भी टूट चुकी थीं दो सगाइयां
जानकारी के मुताबिक, युवती की इससे पहले भी दो बार सगाई टूट चुकी थी. हाल ही में करीब एक महीने पहले उसकी सगाई फतेहपुर जिले में तय हुई थी और 25 नवंबर को शादी की तारीख निर्धारित की गई थी. शादी की तैयारियों के बीच बेटी के फैसले और फिर पत्नी की मौत से आहत होकर पिता ने जीवित बेटी का पिंडदान कर उससे सारे रिश्ते खत्म कर लिए.
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