वाराणसी में MLC चुनाव जीतने के बाद क्या बोले सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा?
पीएम मोदी के गढ़ वाराणसी में दोबारा जीतकर आशुतोष सिन्हा ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला. अपनी ही सरकार के खिलाफ मंत्रियों और विधायकों के धरने पर उन्होंने क्या कहा? अखिलेश यादव और शिक्षित मतदाताओं को लेकर भी दिया बड़ा बयान.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से स्नातक एमएलसी (MLC) सीट पर दोबारा बड़ी जीत दर्ज करने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता आशुतोष सिन्हा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस जीत का श्रेय सपा प्रमुख अखिलेश यादव के मार्गदर्शन, पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्पण और देवतुल्य मतदाताओं के आशीर्वाद को दिया. जीत के बाद अपनी बात रखते हुए आशुतोष सिन्हा ने सत्ता पक्ष (बीजेपी) के विरोध-प्रदर्शन पर जमकर निशाना साधा और कहा कि अपनी ही सरकार और प्रशासन के खिलाफ मंत्रियों-विधायकों का धरने पर बैठना उनकी निराशा और हताशा को दर्शाता है.
'अपनी सरकार में सड़क पर बैठे मंत्री-विधायक, यह सरकार जाने के संकेत'
मतगणना के दौरान बीजेपी नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों और धरने पर प्रतिक्रिया देते हुए आशुतोष सिन्हा ने कहा कि जिसकी सत्ता है, जिसकी मशीनरी है, उसी सरकार के मंत्री, विधायक और मेयर को सड़क पर बैठकर धरना देना पड़ा. उन्होंने कहा 'आप सोचिए, उन्हीं की सरकार और उन्हीं का प्रशासन होने के बावजूद यह हाल है. यह कहीं न कहीं इस बात को साबित करता है कि उत्तर प्रदेश से अब बीजेपी सरकार की विदाई तय है.'
पीएम मोदी के गढ़ में जीत और जनमुद्दों का असर
प्रधानमंत्री के गढ़ में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व (राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री) के धुआंधार चुनाव प्रचार के बावजूद मिली जीत पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह पढ़े-लिखे स्नातकों और शिक्षकों का चुनाव था. उन्होंने कहा कि शिक्षित वर्ग ने यह साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश का कुशल नेतृत्व केवल आदरणीय अखिलेश यादव ही कर सकते हैं.
जनता द्वारा दोबारा चुने जाने के मुख्य कारणों पर उन्होंने बताया कि उन्होंने हमेशा गरीब, किसान, मजदूर, नौजवान, बुनकर, बेरोजगार, अधिवक्ता, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और पुरानी पेंशन (OPS) मांगने वाले राज्य कर्मचारियों के मुद्दों पर सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ी है.
पांच गुना से अधिक वोटों के अंतर से जीत का श्रेय
पिछली बार के मुकाबले पांच गुना से अधिक मार्जिन से मिली बड़ी जीत पर आशुतोष सिन्हा ने कहा कि यह जीत समाजवादी पार्टी के एक-एक छोटे कार्यकर्ता और शीर्ष नेतृत्व के निरंतर आशीर्वाद का परिणाम है. उन्होंने आखिर में कहा कि छात्र संघ बहाली, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट, वित्तविहीन और मदरसा शिक्षकों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष आगे भी मजबूती से जारी रहेगा.
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