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'मैं 18 जनवरी से परेशान हूं...', झांसी के नीरज को मिला धोखा! पत्नी रिचा ने लेखपाल बनते ही छोड़ा

यूपी तक

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लेखपाल बनते ही युवती ने पति को छोड़ दिया
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Jhansi News: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है. यहां एक युवक अपनी पत्नी के उसे छोड़ जाने से बेहद परेशान है. झांसी के नीरज विश्वकर्मा नामक युवक ने बताया है कि रिचा सोनी नमक युवती से उसकी लव मैरिज हुई थी. नीरज के अनुसार, वह कारपेंटर है और उसने बहुत मेहनत करके रिचा को पढ़ाया लिखाया था. नतीजा यह निकला कि रिचा की चयन लेखपाल की नौकरी के लिए हो गया. मगर कहानी में ट्विस्ट तब आया जब रिचा ने लेखपाल बनने के बाद नीरज को छोड़ दिया. वहीं, दूसरी तरफ जब इस बारे में रिचा से फोन पर बात की गई तो उसने कैमरे के सामने आने से इनकार करते हुए कहा कि उसकी कोई शादी नहीं हुई है.

नीरज अपनी पत्नी के लिए पुलिस से लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा चुका है. मगर उसे अभी तक कुछ भी हासिल नहीं हुआ है. वहीं, जब बुधवार को पत्नी को लेखपाल के पद के लिए नियुक्ति पत्र मिल रहा था तो उसे खोजने के लिए वह गया हुआ था, लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ा. 

अब जानिए पूरा मामला

पीड़ित युवक का नाम नीरज विश्वकर्मा है. नीरज झांसी के शहर कोतवाली अंतर्गत बड़ागांव गेट बाहर बाबा का अटा इलाके का निवासी है. नीरज तीन भाई हैं, जिनमें से वह सबसे छोटा है. नीरज विश्वकर्मा कारपेंटर का काम करता है. करीब 5 साल पहले झांसी के सत्यम कालोनी में रहने वाली रिचा सोनी नामक युवती से दोस्त के घर उसकी मुलाकात हुई थी. छह माह दोस्ती चलने के बाद कब उन्हें एक दूसरे-प्यार हो गया, यह पता भी नहीं चला. प्यार होने के बाद दोनों करीब ढाई साल रिलेशनशिप में रहे और फिर ओरछा मंदिर में जाकर शादी कर ली.

 

 

लेखपाल की नौकरी मिलते ही रिचा के बदले जज्बात!

शादी करने के बाद दोनों घर आ गए और साथ हंसी-खुशी से रहने लगे. इस दौरान लड़की रिचा ने उसे बताया था कि वह आगे पढ़ना चाहती है. रिचा को पढ़ाने के लिए वह मजदूरी करता रहा. जब रिचा का लेखपाल की नौकरी के लिए चयन हो गया तो फिर उसके रुख बदल गए. लेखपाल के पद पर चयन होने के बाद वह उसे छोड़कर चली गई. तब से लेकर अब तक वह लौटकर घर नहीं आई है. 

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अपनी पत्नी को पाने के लिए वह अधिकारी से लेकर पुलिस तक के चक्कर लगा चुका है, लेकिन पत्नी नहीं मिली. यहां तक आज जब उसे पता चला कि उसकी पत्नी को कलेक्ट्रेट में नियुक्ति पत्र मिल रहा है, तो वह उसकी एक झलक पाने के लिए वहां पहुंच गया, लेकिन वहां भी खाली हाथ लौटना पड़ा. वह नियुक्ति पत्र लेकर छिपते हुए निकल गई, लेकिन उससे मुलाकात नहीं की. 

मैं 18 जनवरी से परेशान हूं: नीरज

नीरज ने कहा, "मैं 18 जनवरी से परेशान हूं. मेरी धर्म पत्नी जो रिचा सोनी विश्वकर्मा है, वह लेखपाल बन गई है. इसलिए मुझे छोड़कर चली गई है. अपनी पत्नी के लिए हर जगह जा चुका हूं, लेकिन वह नहीं मिल रही है. जब उसे लेखपाल का नियुक्ति पत्र मिलना था, तो मैं कलेक्ट्रेट गया, उसे खोजने के लिए हर जगह देखा, लेकिन वह नहीं मिली. वह नियुक्ति पत्र लेकर चली गई. मैंने उसके लिए हर कुछ किया.

 

 

नीरज ने आगे कहा, "हमने पढ़ाने के लिए बड़ी मुश्किलों का सामना किया. हम कारपेंटर है. जो चहा उसने किया. हम 400-500 रुपये प्रतिदिन कमाते थे. उसी से उसकी पढ़ाई कराई, कई बार तो कर्ज भी लेना पड़ा. आज हम दिन रात उसे याद करते हैं. रात में नींद भी नहीं आती है. आज वह कहती है कि हमारी शादी नहीं हुई है. हमारे पास शादी की फोटो और प्रमाणपत्र है, क्या यह फर्जी है. हमारी ओरछा में शादी हुई थी, फरवरी 2022 में. हम काफी परेशान हैं, उसके लिए दर-दर भटक रहे हैं.

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