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लखनऊ इमारत हादसा: सपा प्रवक्ता अब्बास हैदर की मां-पत्नी का निधन, DGP ने ये बताया

Lucknow News Hindi: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के वजीर हसनगंज रोड पर मंगलवार शाम को अचानक 5 मंजिला एक रिहायशी इमारत भरभराकर गिर गई.…

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Lucknow News Hindi: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के वजीर हसनगंज रोड पर मंगलवार शाम को अचानक 5 मंजिला एक रिहायशी इमारत भरभराकर गिर गई. इमारत गिरने से कई लोग मलबे में दब गए हैं.  पुलिस, प्रशासन के साथ एनडीआरएफ (NDRF) और फायर ब्रिगेड की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. बता दें कि इस हादसे में समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अब्बास हैदर की मां बेगम हैदर और उनकी पत्नी उजमा अब्बास का निधन हो गया है.

हादसा होने के बाद पहले तो लगा कि इमारत भूकंप की वजह से ढह गई. मगर बाद में पता चला कि इमारत के बेसमेंट में निर्माण कार्य किया जा रहा था, जिससे इमारत का एक पिलर कमजोर हो गया था. अब इस मामले में यूपी डीजीपी ने मीडिया से बात करते हुए बड़ी जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ द्वारा जो राहत-बचाव कार्य किया जा रहा है उसमें अभी तक 3 लेयर क्लियर हो गई है और चौथे लेयर को तोड़ा जा रहा है. उसमें ड्रिल कर दिया गया है और उसके माध्यम से ऑक्सीजन नीचे पहुंचाई जा रही है.

यूपी डीजीपी ने आगे बताया, “अंदर 5 लोगों के होने का अंदाजा है. वहीं अंदर मौजूद 2 लोगों से हम संपर्क में हैं. उनसे बात हो रही है और वही लोग बाकी 3 लोगों के संपर्क में है. अंदर मौजूद 5 लोगों को ट्रेस किया जा रहा है.चौथी लेयर को काटने के बाद स्थिति साफ हो जाएगी कि नीचे कैसी हालत है.”

‘सपा सरकार में मंत्री रहे शाहिद मंसूर के बेटे की है इमारत’

यूपी न्यूज़: इस दौरान डीजीपी ने कहा, “सपा सरकार में मंत्री रहे शाहिद मंसूर के बेटे नवाजिश की इमारत है. यह उनका प्लॉट है और वो मालिक हैं. यजदान नाम के बिल्डर ने इमारत को बनाया है. पुलिस इसकी जांच करेगी और जांच के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी.” उन्होंने साफ किया कि इस मामले को लेकर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि पुलिस अभी इस मामले की जांच कर रही है. फिलहाल अभी तक 40% ही हम लोग कार्य कर पाए हैं.

अभी क्या है हालात

मिली जानकारी के मुताबिक, मलबे से अब तक 14 लोगों को निकाला गया है, जिमसे दो महिलाओं को सुबह के समय निकाला गया है. बताया जा रहा है कि अभी तीन लोग और इमारत में फंसे हो सकते हैं. राहत-बचाव अभियान जारी है.

मिली जानकारी के मुताबिक, एलडीए ने अपार्टमेंट निर्माण को लेकर जांच के आदेश दिए हैं. इस मामले में आज अलाया अपार्टमेंट को जारी की गई एनओसी खंगाले जाएंगे. इस मामले पर लखनऊ की मंडलायुक्त रोशन जैकब का बयान भी सामने आया है. उन्होंने पूरी बिल्डिंग को अवैध बताया है. उनके मुताबिक, पहले भी इस बिल्डर की एक बिल्डिंग को एलडीए के द्वारा गिराया गया था. बता दें कि अभी तक हादसे में किसी की मौत की खबर नहीं है. अभी 2 घंटे और  रेस्क्यू ऑपरेशन चल सकता है.

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