यूपी के इस शहर को जल्द ही ट्रैफिक से मिलेगी आजादी! नए मेट्रो लेन का 99% तक पूरा हुआ ये काम
Kanpur Metro Corridor 2: कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-2 का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है. ट्रेनों का रखरखाव करने वाले वर्कशॉप का 99% काम पूरा हो चुका है. इसके साथ ही नौबस्ता कास्टिंग यार्ड में भी सभी 156 आई-गर्डर की कास्टिंग पूरी हो चुकी है.
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Kanpur Metro Corridor 2: कानपुर के लोगों के लिए अब सफर होगा और भी आसान. कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) का निर्माण कार्य तेज हो गया है. एक तरफ जहां मेट्रो का रखरखाव करने वाले डिपो वर्कशॉप का 99 प्रतिशत का काम पूरी हो चुका है, तो वहीं नौबस्ता कास्टिंग यार्ड में एलिवेटेड रूट के लिए सभी 156 आई-गर्डर की ढलाई (कास्टिंग) का काम भी पूरा कर लिया गया है. जिससे ये तय माना जा रहा है कि कानपुर को दूसरी मेट्रो लाइन मिलने की उम्मीद काफी बढ़ गई है.
डिपो की वर्कशॉप 99% तक तैयार
कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-2 के डिपो का काम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है. डिपो की वर्कशॉप लगभग 99% तक तैयार हो चुकी है. ट्रेनों के रखरखाव और मरम्मत के लिए दो इंस्पेक्शन और दो वर्कशॉप बे लाइन भी तैयार कर ली गई हैं. इसके अलावा, छत बनाने के लिए पीईबी (PEB) स्ट्रक्चर लगाने का काम भी पूरा हो गया है.
कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-2 (सीएसए–बर्रा-8) डिपो का निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। डिपो की वर्कशॉप 99% तक तैयार हो चुकी है।ट्रेनों के रखरखाव एवं मरम्मत के लिए 2 इंस्पेक्शन और 2 वर्कशॉप बे लाइन तैयार हैं, जबकि छत के लिए PEB स्ट्रक्चर का इरेक्शन भी पूरा हो चुका है।#KanpurMetro pic.twitter.com/9IX9XK2dJL
— Uttar Pradesh Metro Rail Corporation (@OfficialUPMetro) August 14, 2026
एलिवेटेड सेक्शन को मिली बड़ी कामयाबी
लगभग 4.50 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड सेक्शन के निर्माण में एक बड़ा मील का पत्थर पार कर लिया गया है. नौबस्ता में बने कास्टिंग यार्ड में पुल के लिए जरूरी सभी 156 आई-गर्डर (I-Girders) बनाने का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है.
पुल को मजबूती देंगे ये आई-गर्डर
अंग्रेजी के 'I' अक्षर जैसे दिखने वाले इन गर्डर्स का मेट्रो पुल बनाने में बहुत अहम रोल होता है. इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से क्रॉसओवर और ट्रैक बदलने वाली जगह पर पुल को ज्यादा मजबूती और सपोर्ट देने के लिए किया जाता है. आपको बता दें कि क्रॉसओवर वह जगह होती है, जहां मेट्रो ट्रेनें जरूरत पड़ने पर एक पटरी से दूसरी पटरी पर जाती हैं.
पिलर्स पर सेट होंगे भारी ढांचे
मेट्रो के काम में तेजी लाने के लिए भारी कंक्रीट ढांचों को कास्टिंग यार्ड में पहले ही बना लिया जाता है. आई-गर्डर के अलावा 106 पियर कैप्स, 141 डबल टी-गर्डर और 220 यू-गर्डर भी पहले ही बनाए जा चुके हैं. अब इंजीनियरों का पूरा ध्यान इन भारी ढांचों को मजबूत क्रेनों की मदद से निर्माण स्थल पर ले जाकर पिलर्स के ऊपर सही तरीके से फिट करने पर रहेगा.
कानपुर के लोगों को होगा फायदा
कॉरिडोर-2 के शुरू होने से कानपुर के लोगों की जिंदगी और भी आसान हो जाएगी. इस नए रूट पर मेट्रो चलने से आम जनता को रोज लगने वाले लंबे जाम से छुटकारा मिलेगा और उनके सफर के समय की भारी बचत होगी. इसके साथ ही शहर के लोगों को यात्रा करने के लिए एक सुरक्षित, आरामदायक और प्रदूषण मुक्त यातायात का शानदार साधन भी मिल जाएगा.
यूपी मेट्रो दिन-रात कर रही काम
कानपुर मेट्रो के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि काम बहुत तेज गति से चल रहा है. यूपी मेट्रो की टीम समय पर शहरवासियों को मेट्रो सेवा देने के लिए दिन-रात काम कर रही है. गौरतलब है कि फिलहाल कानपुर में कॉरिडोर-1 के तहत आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक लगभग 15 किलोमीटर लंबे रूट पर मेट्रो ट्रेनें चल रही हैं और सेंट्रल से नौबस्ता के बीच बचे हुए हिस्से पर भी जल्द ही यात्री सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है. इसी के साथ अब 8.60 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-2 को भी तेजी से तैयार किया जा रहा है.
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