यूपी की राय: गोरखपुर में 'यादव जी की लव स्टोरी' फिल्म पर लोगों में दिखा भयंकर गुस्सा!
Yadavji Ki Love Story Protest: फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' को लेकर गोरखपुर में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन. लोगों ने इसे समाज को बांटने की साजिश बताया है. क्या चुनाव से पहले कंट्रोवर्सी के लिए रखे जा रहे हैं ऐसे नाम? देखिए पूरी रिपोर्ट.

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फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' को लेकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में विरोध के सुर तेज हो गए हैं. मैनपुरी, इटावा और फिरोजाबाद के बाद अब गोरखपुर के लोगों ने भी इस फिल्म के टाइटल और इसकी कहानी के प्रति अपना गुस्सा जाहिर किया है. गोरखपुर के लोगों का मानना है कि सिनेमा समाज का आईना होता है, लेकिन आजकल कुछ फिल्में जानबूझकर जाति विशेष को टारगेट कर रही हैं. ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि फिल्म का नाम 'यादव जी की लव स्टोरी' रखना जातिगत वैमनस्य बढ़ाने की एक कोशिश है. इससे पहले 'घूसखोर पंडित' नामक फिल्म पर भी काफी विवाद हुआ था.
फिल्म में लव एंगल और लव जिहाद जैसे संवेदनशील मुद्दों को दिखाया गया है, जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि चुनाव से पहले समाज को बांटने और वोट बैंक की राजनीति के लिए ऐसी फिल्में बनाई जा रही हैं. यह भी चर्चा है कि फिल्म की स्टार कास्ट या प्रोड्यूसर यादव समाज से नहीं हैं, फिर भी जानबूझकर ऐसा टाइटल रखा गया है ताकि कंट्रोवर्सी पैदा हो और फिल्म को मुफ्त में पब्लिसिटी मिले.
गोरखपुर की जनता का कहना है कि मनोरंजन के नाम पर जातिवाद नहीं परोसा जाना चाहिए. लोगों ने मांग की है कि ऐसी फिल्मों के टाइटल बदले जाने चाहिए या उन पर रोक लगनी चाहिए जो समाज के सौहार्द को बिगाड़ सकती हैं. कुछ लोगों का यह भी मानना है कि ऐसी फिल्में केवल टीआरपी और लोकप्रियता पाने के लिए 'ओछी हरकतें' हैं.










