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मोईन के प्यार में ज्योति से माहिरा बन बेटी ने की थी मां की हत्या, अब कोर्ट ने सुनाई सजा, जानें

रंजय सिंह

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Kanpur News: कानपुर में धर्म परिवर्तन कर ज्योति से माहिरा बनी युवती को अपनी मां की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा मिली है. इसी के साथ उसके पति मोईन को भी कोर्ट ने इसी मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. दरअसल आज से 6 साल पहले कानपुर से ऐसा मामला सामने आया था, जिसने सभी को हिला कर रख दिया. आपको बताते हैं कि आखिर पूरा मामला था क्या?

दरअसल कानपुर के चकेरी की रहने वाली ज्योति अपनी मां सरोजिनी की अकेली संतान थी. उसके पति की मौत पहले ही हो चुकी थी. सरोजिनी ने अपने बेटी ज्योति को बड़े प्यार से पाला था. मगर 6 साल पहले ज्योति का मोईन नाम के युवक से प्रेम संबंध हो गया. लड़का दूसरे धर्म से था तो मां ने बेटी के इस संबंध का विरोध किया. मगर ज्योति नहीं मानी. हद तो तब हो गई जब ज्योति ने चुपचाप अपना धर्म बदल लिया और इस्लाम कबूल करके अपना नाम माहिरा रख लिया और मोईन से निकाह कर लिया.

मां को पता चली बेटी के निकाह की बात

बता दें कि एक दिन अचानक मां सरोजिनी को बेटी ज्योति के निकाह करने और धर्म परिवर्तन करने की बात पता चली. मां सरोजिनी ने इसका विरोध किया और अपनी बेटी ज्योति को बहुत समझाया. मगर ज्योति से माहिरा बनी उसकी बेटी ने उसकी किसी भी बात को मानने से इनकार कर दिया. बताया जाता है कि इस दौरान मां ने ज्योति को मकान और संपत्ति से बेदखल तक करने की बात कह डाली. इस बात से ज्योति और उसका पति मोईन भड़क गए. 

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मोईन के साथ मिल कर दिया मां का कत्ल

बता दें कि संपत्ति से बेदखल करने की बात सुनते ही ज्योति से धर्म परिवर्तन कर माहिरा बनी युवती भड़क गई. उसने अपने पति मोईन के साथ मिलकर अपनी मां की हत्या कर डाली. मां की हत्या के बाद दोनों शव को ठिकाने लगाने के चक्कर में थे. मगर तभी युवती के मामा रामप्रसाद और परिजनों ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया.

बता दें कि मां की हत्या के आरोप में पुलिस ने ज्योति से माहिरा बनी युवती को गिरफ्तार कर लिया. इसी के साथ पुलिस ने उसके पति मोइन को भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया. इसके बाद से यह मुकदमा अपर जिला अदालत में चल रहा था.  

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मामा ने दर्ज करवाया था अपनी ही भांजी के खिलाफ केस दर्ज

बता दें कि ज्योति से माहिरा बनी युवती ने अपने पति मोईन के साथ मिलकर पहले मां की हत्या की. फिर इस मौत को स्वाभाविक बताने के लिए शव को अंतिम संस्कार के लिए घाट भी ले जाने लगे. मगर तभी युवती के मामा रामप्रसाद वहां आ गए और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी. पुलिस ने फौरन शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. पीएम रिपोर्ट में गला दबाकर महिला की हत्या की बात सामने आई.

6 साल बाद मिली सजा

बता दें कि 6 साल तक इस मामले की सुनवाई चली. अब कोर्ट ने ज्योति से माहिरा बनी युवती और उसके पति मोईन को महिला की हत्या का दोषी माना है. कोर्ट ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और दोनों पर 25-25 हजार का जुर्माना भी लगाया है.

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