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2 पंडितों की अरविंद सिंह ने की थी हत्या, जिस पुरोहित की बची जान उसने बताई हैरतअंगैज बात

आजमगढ़ के शंभूपुर में पूजा के दौरान अरविंद सिंह ने पत्नी और पुरोहितों पर चलाईं गोलियां. कमांडो रेस्क्यू में आरोपी ढेर. चश्मदीद पंडित ने खोला खौफनाक सच.

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Purohit: Himanshu
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आजमगढ़ जिले के अहिरौला थाना क्षेत्र स्थित शंभूपुर गांव में हुए खौफनाक ट्रिपल मर्डर केस ने पूरे पूर्वांचल और प्रदेश को हिला कर रख दिया है. घटना के वक्त घर के अंदर पूजा का माहौल था. महामृत्युंजय जाप का मंत्रोच्चार चल रहा था. लेकिन अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से सब खत्म हो गया. इस सनसनीखेज वारदात का सबसे अहम चश्मदीद पंडित हिमांशु हैं, जिन्होंने अपनी आंखों के सामने मौत का वह खौफनाक मंजर देखा था. 

घर में चल रही थी पूजा, शाम 5:30 बजे शुरू हुई वारदात

चश्मदीद पंडित हिमांशु के मुताबिक, वह अपने पिता और अन्य पुरोहितों के साथ शंभूपुर गांव में अरविंद सिंह के घर पूजा करवाने पहुंचे थे. कुल तीन पुरोहित पूजा करा रहे थे. शाम करीब 5:30 बजे जब अरविंद घर पहुंचा, तो उसने पुरोहितों से सवाल-जवाब करना शुरू कर दिया और आधार कार्ड मांगने लगा.

चश्मदीद ने बताया:

"कह रहा है कि कैसे तुम लोग हमारे घर आए? तो पापा कहे कि आपके घर बुलाए गए हैं तभी पंडित पूजा करवाने आए हैं. इस पर उसने कहा कि आधार कार्ड दिखाओ. उसके पास टांगी और बंदूक थी."

 

 

पत्नी के विरोध करने पर मारी पहली गोली, फिर पुरोहितों को दौड़ाकर भुना

जब अरविंद पुरोहितों का अपमान करने लगा, तो उसकी पत्नी बबीता ने इसका विरोध किया. विरोध देखते ही देखते अरविंद ने अपनी रिवाल्वर निकाली और सबसे पहले अपनी पत्नी बबीता को गोली मार दी. इसके बाद घर में भगदड़ मच गई और पूजा करा रहे पुरोहित जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. एक पंडित जान बचाकर गेट की तरफ भागे, लेकिन आरोपी ने पीछे दौड़कर उन्हें गेट पर ही गोली मार दी. दूसरे पंडित ने खुद को छिपाकर बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उन्हें भी ढूंढ निकाला और गोली चला दी.

चश्मदीद हिमांशु ने बताया कि आरोपी ने उस पर कुल्हाड़ी फेंकी, लेकिन उन्होंने वहां से भागकर और कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई. उसके पिता पीछे छुप रहे थे, जिन्हें आरोपी ने दो बार गोली मारी.

मासूम बच्चों को बनाया बंधक, पुलिस कार्रवाई में मारा गया आरोपी

वारदात को अंजाम देने के बाद अरविंद ने अपने ही तीन मासूम बच्चों को घर के अंदर बंधक बना लिया. घर के बाहर पुलिस का कड़ा घेरा था और अंदर हथियारबंद अरविंद बच्चों के साथ मौजूद था.

मासूमों को सुरक्षित निकालने के लिए कमांडोस की टीम लगाई गई और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. देर रात हुई पुलिस कार्रवाई में आरोपी अरविंद मारा गया. हालांकि, इस दौरान घायल हुए उसके 8 साल के बेटे ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.