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चर्चा में: कौन हैं IPS अजय पाल शर्मा जिनकी तस्वीर दिखाकर अविमुक्तेश्वरानंद ने लगाया बड़ी साजिश का आरोप

Who is IPS Ajay Pal Sharma: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने IPS अजय पाल शर्मा और आशुतोष ब्रह्मचारी की एक साथ तस्वीर दिखाकर सनसनी फैला दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि यौन शोषण का केस पुलिस की एक बड़ी साजिश है. जानें कौन हैं एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अजय पाल शर्मा?

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Who is IPS Ajay Pal Sharma: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज यौन शोषण (POCSO) के मामले में एक नया धमाका हुआ है. शंकराचार्य ने एक तस्वीर सार्वजनिक की है जिसमें इस पूरे विवाद के मुख्य किरदार आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज और यूपी कैडर के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा के साथ केक काटते और जश्न मनाते नजर आ रहे हैं. शंकराचार्य का सीधा आरोप है कि उनके खिलाफ जो भी केस दर्ज हुए हैं. वह कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि पुलिस और प्रशासनिक तंत्र की मिलीभगत से रची गई एक गहरी साजिश है.

'पुलिस और अपराधी का गठजोड़'

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईपीएस अजय पाल शर्मा और आशुतोष ब्रह्मचारी की एक साथ बर्थडे सेलिब्रेशन वाली तस्वीर दिखाई. उन्होंने सवाल उठाया कि एक बड़ा पुलिस अधिकारी एक ऐसे व्यक्ति के साथ क्या कर रहा है जिसने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं? स्वामी जी का कहना है कि प्रशासन उन्हें सीधे नहीं घेर सका. इसलिए आशुतोष ब्रह्मचारी के जरिए यह 'स्क्रिप्ट' तैयार करवाई गई.

कौन हैं आईपीएस अजय पाल शर्मा?

अजय पाल शर्मा 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और मूल रूप से लुधियाना के रहने वाले हैं. आईपीएस बनने से पहले वह एक डेंटिस्ट (डॉक्टर) थे. उत्तर प्रदेश पुलिस में उन्हें एक सिंघम और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट की छवि के लिए जाना जाता है. दावा किया जाता है कि उन्होंने अपने करियर में 100 से अधिक एनकाउंटर किए हैं. रामपुर, नोएडा और शामली जैसे संवेदनशील जिलों में उनकी तैनाती रही है.

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महिला के आरोपों में फंसे थे अजय पाल

अजय पाल शर्मा का विवादों से पुराना नाता रहा है. 2020 में दीप्ति शर्मा नाम की एक महिला ने उन पर गंभीर आरोप लगाए थे. महिला का दावा था कि 2016 में अजय पाल ने उससे शादी की थी. लेकिन बाद में मुकर गए. महिला ने आरोप लगाया था कि अजय पाल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उसे फर्जीवाड़े में जेल भिजवा दिया था. इस मामले की जांच एसआईटी (SIT) ने की थी जिसकी वजह से उनके प्रमोशन में भी काफी देरी हुई. हालांकि बाद में उन्हें क्लीन चिट मिल गई.

मौनी अमावस्या और पॉक्सो केस

शंकराचार्य और प्रशासन के बीच तनाव 18 जनवरी (मौनी अमावस्या) के दिन से शुरू हुआ था. शंकराचार्य का दावा है कि संगम स्नान के दौरान पुलिस ने उनके शिष्यों (बटुकों) के साथ बदसलूकी की. इसके बाद ही आशुतोष ब्रह्मचारी ने सामने आकर यौन शोषण के आरोप लगाए. शंकराचार्य का मानना है कि अजय पाल शर्मा जैसे अधिकारी पर्दे के पीछे से इस पूरी साजिश को निर्देशित कर रहे हैं.