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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर पॉक्सो केस, क्या इसमें होगी उनकी गिरफ्तारी? वकीलों के दावे जानिए

Shankaracharya Avimukteshwaranand News: ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में एफआईआर के बाद वाराणसी में हड़कंप. क्या पुलिस उन्हें गिरफ्तार करेगी? जानिए वकीलों की राय और शंकराचार्य का पक्ष.

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ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दर्ज मामले ने तूल पकड़ लिया है. प्रयागराज की झूसी पुलिस इस मामले की जांच के लिए वाराणसी पहुंच गई है, जिससे शंकराचार्य की गिरफ्तारी की संभावनाओं को लेकर गहमागहमी बढ़ गई है. आपको बता दें कि प्रयागराज की एडीजे रेप एंड पॉक्सो स्पेशल कोर्ट के आदेश पर झूसी थाने में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.  

इन पर आईपीसी की धारा 351(2) और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं (3, 4, 5, 6, 17) के तहत मामला दर्ज किया गया है. आरोप है कि प्रयागराज के माघ मेले के दौरान दो वेद पाठी बटुकों (बच्चों) के साथ यौन शोषण किया गया. यह शिकायत आशुतोष ब्रह्मचारी (रामभद्राचार्य के शिष्य) द्वारा की गई है. वकीलों के अनुसार, पॉक्सो एक्ट में लगी धाराएं गंभीर हैं (10 वर्ष से आजीवन कारावास तक) और इनमें बिना वारंट गिरफ्तारी संभव है. हालांकि, गिरफ्तारी अनिवार्य नहीं है. यह जांच अधिकारी (IO) के विवेक और साक्ष्यों पर निर्भर करता है.

वकीलों का यह भी कहना है कि एफआईआर निराधार है क्योंकि इसमें पीड़ित का बयान या सीधी तहरीर शामिल नहीं है, और वे इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं. 

शंकराचार्य का पक्ष और प्रतिक्रिया

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को पूरी तरह से साजिश बताया है. उनका कहना है कि वे उन लड़कों को जानते तक नहीं हैं और वे कभी उनके मठ या गुरुकुल में नहीं रहे. उन्होंने कहा कि 18-19 जनवरी की जिस घटना का जिक्र है, उस समय वे पुलिस की ज्यादती के कारण शिविर के बाहर थे और सब कुछ सीसीटीवी (CCTV) में कैद है. उन्होंने उत्तर प्रदेश और भाजपा शासित राज्यों की पुलिस पर अविश्वास जताते हुए मांग की है कि जांच किसी गैर-भाजपा शासित राज्य की पुलिस से कराई जाए. 

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इस हाई प्रोफाइल केस की जांच के लिए 5 सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई है, जिसका नेतृत्व डीसीपी मनीष कुमार सांडिल्य कर रहे हैं. पुलिस कथित तौर पर उस गाड़ी और घटनास्थल का 'नक्शा नजरी' (साइट मैप) तैयार कर रही है जहां शोषण के आरोप लगे हैं.