मायावती बोलीं- ब्राह्मण गुमराह नहीं हुए तो UP में BSP बनाएगी पूर्ण बहुमत की सरकार

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बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) चीफ मायावती ने 7 सितंबर को लखनऊ के पार्टी कार्यालय में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा…
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बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) चीफ मायावती ने 7 सितंबर को लखनऊ के पार्टी कार्यालय में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में अगर दलितों की तरह ब्राह्मण भी गुमराह नहीं हुए तो 2022 में बीएसपी को पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने से कोई ताकत नहीं रोक सकती.

अपने संबोधन में मायावती ने कहा,

(बीएसपी के राष्‍ट्रीय महासचिव) सतीश चंद्र मिश्र ने प्रबुद्ध वर्ग में से ब्राह्मण समाज के लोगों को दलितों की तरह कभी भी न गुमराह होने वाला और न ही किसी के बहकावे में, प्रलोभन आदि में आने वाला समाज बनाने का हर संभव पूरा-पूरा प्रयास किया है. अगर वास्तव में ऐसा संभव हो जाता है तो फिर हमारी पार्टी को यहां आगामी विधानसभा चुनाव में 2007 की तरह अपनी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने से कोई ताकत नहीं रोक सकती.

मायावती

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दलितों को लेकर मायावती ने कहा, ”दलित वर्ग के लोगों पर शुरू से गर्व रहा है कि उन्होंने बिना गुमराह हुए और बहकावे में आए कठिन से कठिन दौर में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा. ये लोग मजबूत चट्टान की तरह पार्टी के साथ खड़े रहे हैं. उम्मीद है कि बीएसपी से जुड़े अन्य सभी वर्गों के लोग इनकी तरह आगे कभी गुमराह नहीं होंगे.”

उन्होंने ब्राह्मणों को लेकर कहा, ”ब्राह्मण समाज के लोग भी कहने लगे हैं कि हमने बीजेपी के प्रलोभन भरे वादों के बहकावे में आकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाकर बहुत बड़ी गलती की है.”

बीएसपी चीफ ने कहा कि उनकी पार्टी ये वादा करती है कि पूर्ण बहुमत की सरकार बनने पर ब्राह्मण समाज का पूरा ख्याल रखा जाएगा, उन्हें उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा और जो भी गलत कार्रवाई की गई है इनके खिलाफ, उसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी और जिन अधिकारियों को दोषी पाया जाएगा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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इसके अलावा मायावती ने कहा,

  • ”मैं सभी धर्म और जाति के लोगों से अपील करती हूं कि वे अपने परिवार के हित के लिए, उनके अच्छे भविष्य के लिए बीएसपी से जरूर जुड़ें”

  • ”बीजेपी ने चुनाव से पहले किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वादा किया था लेकिन ऐसा नहीं किया.”

  • ”बीएसपी सड़क से लेकर संसद तक किसानों के साथ खड़ी है.”

  • मायावती ने आरएसएस और बीजेपी को निशाने पर लेते हुए कहा, ”मुझे मीडिया के जरिए पता चला है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि हिंदुओं और मुसलमानों के पूर्वज एक ही हैं. अगर हिंदुओं और मुसलमानों के पूर्वज एक ही हैं, तो आरएसएस और बीजेपी मुसलमानों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों कर रहे हैं?”

    इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के समय हुए मुजफ्फरनगर कांड को भी मुसलमानों को भूलना नहीं चाहिए.

    मायावती ने वादा किया कि 2022 में बीएसपी की सरकार बनी तो एक आयोग गठित किया जाएगा और वित्त विहीन शिक्षकों को उचित मानदेय भी दिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि बीएसपी की सरकार बनी तो किसानों पर थोपे गए केंद्र के ‘तीन काले कानूनों’ को यूपी में लागू नहीं होने दिया जाएगा.

    मायावती ने कहा कि जब हमारी सरकार थी तो हमने महापुरुषों के लिए कई स्मारक बनाए, अब हमें कुछ भी ऐसा नहीं करना है क्योंकि हमने इस पर पहले ही काम किया है. उन्होंने कहा कि जब हमारी पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी तो हमारा जोर स्मारक और पार्क बनाने पर नहीं होगा बल्कि हमारी पूरी ताकत समाज के कल्याण और विकास पर लगेगी.

    बता दें बीएसपी ने 23 जुलाई को अयोध्या से सतीश चंद्र मिश्रा की अगुवाई में प्रबुद्ध सम्मेलनों की शुरुआत की थी. यूपी के लगभग सभी जिलों में हुए इन सम्मेलनों के जरिए बीएसपी ने ब्राह्मण वोटरों को साधने की कोशिश की है.

    लखनऊ के सम्मेलन में मायावती के मंच पर आने से पहले वहां ये नारे लगे- ‘ब्राह्मण शंख बजाएगा, हाथी बढ़ता जाएगा’, ‘हाथी नहीं गणेश है, ब्रह्मा-विष्णु-महेश है’, ‘बच्चा-बच्चा भीम का, बीएसपी की टीम का’. इसके अलावा बीएसपी के मंच से जय श्रीराम के नारे भी लगे.

    (लखनऊ से कुमार अभिषेक के इनपुट्स के साथ)

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