हरदोई मेडिकल कॉलेज 5 घंटे तक बेड पर पड़ा रहा किशोरी का शव! डिप्टी CM के जिले का ऐसा हाल
Hardoi Medical College Incident: डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के गृह जनपद हरदोई में स्वास्थ्य व्यवस्था के उड़े परखच्चे! मेडिकल कॉलेज में किशोरी की मौत के बाद 5 घंटे तक किसी ने सुध नहीं ली. देखिए कैसे शव बेड पर ही अकड़ गया.

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उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली की एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है. यह घटना उसी जिले की है जहां से प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक आते हैं. हरदोई मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में एक किशोरी की मौत के बाद उसका शव घंटों तक बेड पर पड़ा रहा और अस्पताल प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी.
5 घंटे तक बेड पर पड़ा रहा शव
एक 15 साल की अज्ञात किशोरी को 15 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 16 फरवरी की रात करीब 12:00 बजे उसकी मौत हो गई. किशोरी का शव 17 फरवरी की सुबह करीब 6:00 बजे तक उसी बेड पर पड़ा रहा. अस्पताल के स्टाफ को इसकी जानकारी तब हुई जब बगल के बेड पर भर्ती मरीज के तीमारदारों ने उन्हें सूचित किया. जब तक स्टाफ पहुंचा, तब तक शव पूरी तरह से अकड़ चुका था.
आपको बता दें कि सीतापुर के रहने वाले रामगोपाल ने इस लड़की को बस स्टैंड के पास बेहोश पाया था और मानवता दिखाते हुए उसे अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया था. आरोप है कि भर्ती करने के बाद डॉक्टरों ने उसकी नियमित मॉनिटरिंग नहीं की, जिसके कारण इलाज में लापरवाही हुई और बाद में उसकी मौत हो गई.
मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. चंद्र कुमार ने स्वीकार किया कि शव करीब 5 घंटे तक बेड पर पड़ा रहा. उन्होंने बताया कि मौत के बाद शरीर को अकड़ने में सामान्यतः 6 घंटे लगते हैं. उन्होंने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है. अस्पताल में मरीज खुद ही स्ट्रेचर खींचने और व्हीलचेयर संभालने को मजबूर हैं. स्वास्थ्य मंत्री के अपने गृह जनपद में ऐसी स्थिति प्रदेश की 'आत्मनिर्भर' स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है.










