Radio in Prison: सजा से सुधार तक...वर्तिका नन्दा की ये नई किताब जेल रेडियो की अनसुनी कहानियों का है सफर
जेल रेडियो की कहानी 'रेडियो इन प्रिजन' में! डॉ. वर्तिका की किताब कैदियों के जीवन में बदलाव, सुधार और संचार की शक्ति को दर्शाती है. पढ़ें इस किताब के बारे में.
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Picture: Vartika Nanda
Radio in Prison: जेल रेडियो की शुरुआत और इसके असर को बताने वाली पहली किताब 'रेडियो इन प्रिजन' नेशनल बुक ट्रस्ट इंडिया ने जारी की है. इसकी लेखिका डॉ. वर्तिका नन्दा हैं. डॉ. नन्दा 'तिनका तिनका' फाउंडेशन की अध्यक्ष और मशहूर जेल सुधारक हैं. उन्होंने जेल के भीतर रेडियो के माध्यम से कैदियों के जीवन में आए बदलाव की कहानियों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है. 295 रुपये की कीमत वाली यह पुस्तक जेल सुधार, संचार और रचनात्मक अभिव्यक्ति के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व कदम है.









