Vish Yog 2026: आज शनि-चंद्रमा बना रहे हैं भयंकर 'विष योग', इन 3 राशियों की होगी अग्नि परीक्षा!
11 सितंबर को मीन राशि में वक्री शनि और चंद्रमा की युति से खतरनाक 'विष योग' बनने जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्रमा मन और शनि कर्म का कारक है. यह विष योग उन लोगों के लिए बेहद कष्टकारी हो सकता है जिनके कर्म खराब हैं.
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 11 सितंबर को मीन राशि में एक बड़ी खगोलीय हलचल होने जा रही है. इस दिन मीन राशि में वक्री शनि और चंद्रमा का मिलन होगा. इन दोनों ग्रहों की इस युति को ज्योतिष में बेहद अशुभ 'विष योग' का नाम दिया गया है.

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शास्त्रों में चंद्रमा को मन का स्वामी माना गया है, जबकि शनि देव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं. ज्योतिषियों का मानना है कि यह विष योग उन लोगों के लिए बेहद डरावना साबित हो सकता है जिनके कर्म बुरे हैं या जिनके मन में दूसरों के प्रति छल-कपट की भावना रहती है.

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मिथुन राशि के जातकों के लिए विष योग का यह समय काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है. घर-परिवार में किसी बात को लेकर तनाव और कलह का माहौल बन सकता है. लोगों से बेवजह अनबन हो सकती है. ऐसे में अपनी वाणी पर पूरा नियंत्रण रखें और छोटी बातों को तूल देने से बचें.

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इस योग के अशुभ प्रभाव से बचने और पारिवारिक शांति बनाए रखने के लिए मिथुन राशि के जातकों को शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए. इस दीपक में थोड़े से काले तिल जरूर डालें.

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धनु राशि वालों पर विष योग का असर उनके कामकाज पर दिखाई देगा. कार्यस्थल पर आपको अत्यधिक मानसिक दबाव और तनाव का सामना करना पड़ सकता है. काम का बोझ और डेडलाइन आपकी चिंताएं बढ़ाएंगी. ऐसे समय में घबराने की जगह धैर्य रखें और पूरी लगन से अपना काम पूरा करें.

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मीन राशि में ही वक्री शनि पहले से विराजमान हैं और अब चंद्रमा के आने से सीधा असर आपके मन-मस्तिष्क पर पड़ेगा. इस दौरान आपको जरूरत से ज्यादा सोचने (ओवरथिंकिंग) की आदत परेशान कर सकती है. अनावश्यक विचारों से बचें, खुद को शांत रखें और अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें.

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विष योग के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए धनु राशि वालों को 11 सितंबर के दिन शनि देव के मंत्रों का जाप करना चाहिए और शनि से जुड़ी चीजों का दान करना चाहिए. वहीं, मीन राशि वाले जातक शनिवार के दिन एक पात्र (बर्तन) में सरसों का तेल लेकर उसमें अपना चेहरा देखें और उस तेल का छाया दान करें.

