18 सितंबर से चमकेगी इन 5 राशियों की किस्मत, कर्क राशि में बनेगा गुरु-मंगल का दुर्लभ संयोग!
18 सितंबर 2026 को मंगल के कर्क राशि में गोचर करते ही उच्च के गुरु के साथ मिलकर 'गुरु-मंगल योग' और 'नीचभंग राजयोग' का निर्माण होगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह दुर्लभ संयोग मिथुन, कर्क, कन्या, तुला और वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बेहद शुभ रहने वाला है.
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18 सितंबर 2026 को मंगल ग्रह अपनी नीच राशि कर्क में प्रवेश करेंगे जहां पहले से ही देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि में विराजमान हैं. कर्क राशि में गुरु और मंगल के इस दुर्लभ संयोग से 'गुरु-मंगल योग' और 'नीचभंग राजयोग' का निर्माण होगा. यह शुभ योग कई राशियों के लिए धन, करियर और मान-सम्मान में जबरदस्त तरक्की लेकर आ रहा है.

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मिथुन राशि के जातकों के दूसरे भाव (धन व वाणी) में यह युति बनने जा रही है. अचानक धन लाभ के मजबूत योग बनेंगे और अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है. आपकी वाणी में सौम्यता और आकर्षण रहेगा जिससे बड़े व्यावसायिक सौदे फाइनल हो सकते हैं. परिवार में सुख-समृद्धि और वित्तीय स्थिरता आएगी.

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यह दुर्लभ संयोग कर्क राशि (प्रथम भाव) में बन रहा है जिससे आपका प्रभाव और आत्मविश्वास तेजी से बढ़ेगा.लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होंगे और कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी. समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी. नया व्यापार शुरू करने या करियर में बदलाव के लिए यह समय बेहद अनुकूल रहेगा.

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कन्या राशि के ग्यारहवें (लाभ) भाव में गुरु और मंगल का मिलन होगा जो आर्थिक दृष्टि से बेहद शुभ है. आय के नए और स्थायी स्रोत बनेंगे। किसी पुराने प्रोजेक्ट या निवेश से बड़ा आर्थिक फायदा मिलेगा. कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों और मित्रों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा.

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तुला राशि के दशम (कर्म) भाव में यह शुभ संयोग बनने से कार्यक्षेत्र में बड़ा और सकारात्मक बदलाव आएगा. नौकरीपेशा जातकों को पदोन्नति (प्रमोशन), वेतन वृद्धि या मनचाहा ट्रांसफर मिल सकता है. सरकारी क्षेत्र से जुड़े कामों में सफलता मिलेगी और नए व्यापारिक अवसर प्राप्त होंगे.

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वृश्चिक राशि के नवम (भाग्य) भाव में गुरु-मंगल की युति से आपका भाग्य पक्ष बेहद मजबूत होने वाला है. धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और लंबी दूरी की लाभदायक यात्राएं होंगी. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों और विदेश जाने के इच्छुक लोगों के लिए यह समय वरदान समान है.

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इस दुर्लभ योग के सकारात्मक प्रभाव को और अधिक बढ़ाने के लिए नियमित रूप से ये सरल उपाय करें. मंगलवार और गुरुवार के दिन हनुमान जी और भगवान विष्णु की पूजा करें. प्रतिदिन माथे पर केसर या पीले चंदन का तिलक लगाएं. जरूरतमंदों को गुड़, चने की दाल या केसर युक्त दूध का दान करें.

