350 से ज्यादा पक्षी प्रजातियां, शांत नदी और गंगा डॉल्फिन का घर, कतरनियाघाट की खूबसूरती देखकर आप भी रह जाएंगे हैरान
Katarniaghat Wildlife Sanctuary Bahraich: कतरनियाघाट वन्यजीव अभयारण्य उत्तर प्रदेश के बहराइच में स्थित दुधवा टाइगर रिजर्व का अहम हिस्सा है. गंगा डॉल्फिन, घड़ियाल, बाघ, 350 से अधिक पक्षी प्रजातियां, घने साल वन और शांत नदियां इसे प्रकृति प्रेमियों, बर्ड वॉचर्स और फोटोग्राफरों के लिए एक शानदार इको-टूरिज्म गंतव्य बनाती हैं.
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कतरनियाघाट वन्यजीव अभयारण्य उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में स्थित है और दुधवा टाइगर रिजर्व का महत्वपूर्ण संरक्षित क्षेत्र है.

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गेरुआ और घाघरा नदियों में संकटग्रस्त गंगा डॉल्फिन (सोंस) पाई जाती है, जो यहां का सबसे बड़ा आकर्षण है.

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यह अभयारण्य घड़ियाल, मगरमच्छ और अन्य जलीय जीवों के संरक्षण के लिए उत्तर भारत के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गिना जाता है.

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यहां बाघ, तेंदुआ, जंगली हाथी, सांभर, चीतल, जंगली सूअर सहित अनेक वन्यजीव प्राकृतिक आवास में देखे जा सकते हैं.

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कतरनियाघाट बर्ड वॉचिंग के लिए प्रसिद्ध है, जहां स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की 350 से अधिक प्रजातियां दर्ज की गई हैं.

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बोट सफारी के दौरान पर्यटक डॉल्फिन, घड़ियाल, ऊदबिलाव और विभिन्न पक्षियों को नदी किनारे करीब से देख सकते हैं.

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घने साल वन, शांत नदियां, दुर्लभ वन्यजीव और प्राकृतिक सुंदरता कतरनियाघाट को उत्तर प्रदेश के प्रमुख इको-टूरिज्म स्थलों में शामिल करते हैं.(तस्वीरें यूपी टूरिज्म की आधिकारिक वेबसाइट से ली गई हैं)
( यह खबर यूपी Tak के साथ इंटर्नशिप कर रहे आशुतोष पाण्डेय ने संपादित की है.)
