UPTak Baithak Logo

UP के किसानों के लिए वरदान बनी केंद्र सरकार की ये योजना! अब सौर ऊर्जा से खेतों की सिंचाई का खर्च हुआ बिल्कुल 'जीरो'

पीएम कुसुम योजना (PM-KUSUM) के तहत यूपी के किसानों को सोलर सिंचाई पंप पर 90% तक की भारी सब्सिडी मिल रही है. इस योजना से डीजल और महंगी बिजली से छुटकारा मिलेगा, साथ ही किसान अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई भी कर सकते हैं.

ADVERTISEMENT

social share
Google CTA
1

1/8

डीजल और महंगी बिजली ने सिंचाई का खर्च काफी बढ़ा दिया है, जिसका सीधा असर किसानों की जेब पर पड़ता है. दशकों से चले आ रहे इन प्रदूषण फैलाने वाले और महंगे डीजल पंपों से निजात दिलाने के लिए 'प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान' (PM-KUSUM) की शुरुआत की गई है. यह योजना किसानों को सौर ऊर्जा से सिंचाई की एक सुलभ और बेहतरीन सुविधा दे रही है.
 

2

2/8

उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए पीएम कुसुम योजना किसी लॉटरी से कम नहीं है. सोलर सिंचाई पंप लगाने पर 90% तक की भारी सब्सिडी मिलती है. इस योजना के जरिये किसान न सिर्फ डीजल और बिजली बिल की टेंशन से मुक्त हो रहे हैं, बल्कि कुछ मामलों में वे अपनी बची हुई अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर शानदार मुनाफा भी कमा रहे हैं.
 

3

3/8

इस अभियान को तीन हिस्सों में बांटा गया है. 'कंपोनेंट A' के तहत किसान अपनी बंजर या खाली पड़ी कृषि जमीन का सही इस्तेमाल कर सकते हैं. वे वहां 500 kW से 2 MW तक के छोटे (विकेंद्रीकृत) सोलर पावर प्लांट लगाकर बिजली पैदा कर सकते हैं. इस बिजली को सीधे DISCOMs को बेचकर एक नियमित आय का जरिया बनाया जा सकता है.

4

4/8

योजना का दूसरा हिस्सा उन दूर-दराज के इलाकों के लिए है, जहां अब तक बिजली का ग्रिड नहीं पहुंच पाया है. इसके तहत किसान 7.5 HP क्षमता तक के स्टैंडअलोन यानी ऑफ-ग्रिड सोलर कृषि पंप स्थापित कर सकते हैं, जिससे सिंचाई बिना किसी रुकावट के हो सकेगी.

5

5/8

जिन किसानों के पास पहले से ही ग्रिड से जुड़े बिजली वाले कृषि पंप मौजूद हैं, उनके लिए 'कंपोनेंट C' तैयार किया गया है. इसके तहत 7.5 HP तक के कृषि पंपों को सोलराइज किया जाता है. 
 

6

6/8

उत्तर प्रदेश में इस योजना को UPNEDA और UPPCL की चार क्षेत्रीय वितरण कंपनियों के जरिए लागू किया जाता है. मानक ढांचे के अनुसार, 30% सब्सिडी केंद्र सरकार और कम से कम 30% राज्य सरकार देती है. बाकी 40% किसान को देना होता है, जिसमें से भी 30% रकम बैंक लोन के रूप में मिल जाती है. किसान को शुरुआत में सिर्फ 10% पैसा ही देना पड़ता है.

7

7/8

उत्तर प्रदेश में सामान्य और ओबीसी (OBC) वर्ग के किसानों को कुल मिलाकर 60% तक की सब्सिडी मिलती है. वहीं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और प्राथमिकता वाले बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों के किसानों के लिए यह सब्सिडी बढ़कर 90% तक पहुंच जाती है.

8

8/8

इस योजना को अपनाने में यूपी तेजी से आगे बढ़ रहा है. साल 2026 की शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश ने कंपोनेंट B के तहत 53,182 स्टैंडअलोन सोलर पंप लगाए हैं. इस मामले में महाराष्ट्र और हरियाणा के बाद यूपी पूरे देश में तीसरे पायदान पर मजबूती से खड़ा है.